रांची: राजधानी रांची के मेन रोड स्थित विश्वकर्मा लेन में स्थित श्री जगतगुरु विश्वकर्मा मंदिर झारखंड के प्राचीन और प्रमुख भगवान विश्वकर्मा मंदिरों में से एक है। यहां वर्ष 1930 से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना होती आ रही है। विश्वकर्मा पूजा को लेकर मंदिर परिसर में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आयोजकों नें बताया कि वर्ष 1928 में संत मोनी बाबा ने भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर स्थापित कर पूजा की शुरुआत की थी। इसके बाद से यहां प्रत्येक वर्ष विश्वकर्मा पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। समय के साथ यह मंदिर रांची ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है।
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विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर रांची सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। पूजा के दिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने और प्रसाद ग्रहण करने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।मंदिर में भगवान विश्वकर्मा का विधिवत पूजन मुख्य पुजारी राजाराम शास्त्री जी के द्वारा कराया जाएगा।
प्रातः 11:00 बजे होगी भगवान विश्वकर्मा पूजन प्रारंभ
भगवान विश्वकर्मा पूजा को लेकर परे मंंदिर परिसर को रंग-बरंगी रोशनी और मुख्य मंदिर को फूल- पत्तियों से आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। जहां कल गुरुवार को प्रातः 11:00 बजे भगवान विश्वकर्मा पूजन प्रारंभ होगी। दोपहर 1:00 बजे हवन, महाआरती, अपराह्न 3:00 बजे प्रसाद वितरण एवं महाभंडारा, भजन संध्या के कार्यक्रम होंगे।
विश्वकर्मा पूजा के इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में रामरतन शर्मा, शंकर विश्वकर्मा, जयप्रकाश शर्मा, रामजतन शर्मा, मनबोध शर्मा, विभीषण शर्मा, परमेश्वर शर्मा एवं राजकुमार शर्मा सहित कई अन्य सदस्य लगे हुए हैं।




