बोकारो। स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के ऐसे अधिकारी व कर्मचारी जिनकी सेवाकाल में आकस्मिक मृत्यु हो गई है, उनके आश्रित स्वजन को अब कंपनी के मकान में रहने के लिए आवास रिटेंशन की सुविधा काफी सस्ते दर में उपलब्ध कराई जाएगी। इस बाबत विभागीय प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
सेल प्रबंधन यह निर्णय स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन आफ इंडिया सेफी के दिए गए प्रस्ताव पर लेने जा रहा है। योजना के लागू होने से बोकारो इस्पात संयंत्र सहित कंपनी में अन्य इकाई में रहने वाले मृत कर्मी के आवासधारियों को आर्थिक बचत के तौर पर एक बड़ी राहत मिलेगी।
दरअसल सेल प्रबंधन अपने ऐसे अधिकारी व कर्मचारी जिनका किसी कारणवश नौकरी में रहते देहांत हो जाता है, उनकी सेवानिवृति की तिथि तक उनके आश्रित स्वजन को रहने के लिए कंपनी का मकान देती है। इस दौरान उनसे आवास रिटेंशन के मद में सरकारी या प्राइवेट कंपनी को दिए गए आवास से भी ज्यादा रकम की उगाही की जाती है।
जिसमें मकान का किराया, बिजली तथा पानी का शुल्क भी उपलब्ध होता है। इससे मृत कर्मियों के आश्रितों को काफी आर्थिक परेशानी होती है, चूंकि संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के निधन के बाद उनके समीप आय का कोई अन्य स्तोत्र नही होता है। जिससे वे कंपनी प्रबंधन को प्रतिमाह आवास रिटेंशन के मद में भारी भरकम रकम का भुगतान कर सकें।
इस मसले पर सेफी के पदाधिकारियों ने सेल के सीएमडी से मृत कर्मियों के आश्रित स्वजन के प्रति सहानुभूति पूर्वक विचार कर उनसे कंपनी में सेवारत कर्मचारी व अधिकारियों के लिए तय आवास, बिजली तथा पानी का शुल्क निर्धारित करने का मांग किया है।
किस आवास का कितना लगता है शुल्क
सेल प्रबंधन बोकारो इस्पात संयंत्र में मृत कर्मियों के आश्रित स्वजन से ईएफ टाइप के मद में 2,930 रुपये, डी टाइप आवास के मद में 6,830 रुपये , सी टाइप आवास के मद में 9,750 रुपये तथा बी टाइप आवास के मद में 11,700 रुपये प्रतिमाह का उनसे किराया लेता है।
वहीं, ठीक इसके विपरीत डीसी व एसपी पुल, सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, ट्रेड यूनियन आदि को दिए गए मकान का शुल्क मृत कर्मियों के आश्रित स्वजन के आवास का मासिक किराया से काफी कम होता है। इनमें सिर्फ डीसी एवं एसपी पुल की बात को ईएफ टाइप मकान का किराया 610 रुपये, डी टाइप का 820 रुपये, सी टाइप का 1,220 रुपये, बी टाइप का 1,960 रुपये तथा ए टाइप का मात्र 2,550 रुपये मासिक किराया लिया जाता है।
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जबकि ट्रेड यूनियन के नेताओं से ईएफ टाइप का 2,040 रुपये, डी टाइप का 2,570 रुपये, सी टाइप का 3,880 रुपये तथा बी टाइप का 7,140 रुपये की दर प्रतिमाह निर्धारित है। इससे यूनियन नेता तथा पुलिस प्रशासन के बीच आवास शुल्क की मौज है तथा मृत कर्मियों के आश्रित में मकान किराया का आर्थिक बोझ है।
सेल में मृत कर्मियों के आश्रित स्वजन से आवास रिटेंशन के मद में वर्तमान कर्मियों के आवास दर की राशि लेने का प्रस्ताव दिया गया है। जिस पर उच्च प्रबंधन ने सकारात्मक पहल का करने का भरोसा जताया है। योजना के लागू होने से मृत कर्मियों के आश्रित स्वजन को आर्थिक तौर पर एक बड़ी राहत मिलेगी।
-अजय कुमार पाण्डेय, वाइस चेयरमैन, सेफी।




