रांची : पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में शुक्रवार को योगिनी एकादशी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। परम पूज्य डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे दिन मंदिर परिसर हरिनाम संकीर्तन, भजन और भगवान श्री राधा-कृष्ण के जयघोष से भक्तिमय बना रहा।
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योगिनी एकादशी के अवसर पर श्री राधा रानी का नवीन दिव्य वस्त्रों और आकर्षक आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन कर सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।
विशेष पूजा, भजन और महाप्रसाद का आयोजन
दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ लड्डू, फल, खिचड़ी और मेवा सहित विभिन्न प्रकार के महाप्रसाद का भोग अर्पित किया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच मसालेदार वेजिटेबल खिचड़ी का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी ने भगवान श्री राधा-कृष्ण की महिमा पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते नजर आए।
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योगिनी एकादशी पर मानव सेवा का संदेश
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल और प्रवक्ता संजय सर्राफ ने योगिनी एकादशी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व आत्मशुद्धि, ईश्वर भक्ति और सेवा-साधना का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु की आराधना और योगिनी एकादशी का व्रत जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। संजय सर्राफ ने बताया कि योगिनी एकादशी के अवसर पर बेंगलुरु निवासी अनिष्क नारायण के सहयोग से सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में रह रहे 50 से अधिक निराश्रितों को भोजन कराया गया। ट्रस्ट ने इसे मानव सेवा को ईश्वर सेवा मानने की प्रेरणादायी पहल बताया।
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