रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर दिए गए अपने बयान के बाद कांग्रेस की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। साव ने पार्टी की अनुशासन समिति की ओर से जारी नोटिस का अपना जवाब बंद लिफाफे में पार्टी नेताओं को सौंपा।
कांग्रेस की अनुशासन समिति ने हाल में योगेंद्र साव को उनके सार्वजनिक बयानों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। समिति ने उनसे लिखित स्पष्टीकरण देने के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा था कि पार्टी संविधान के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।
सीएम हेमंत सोरेन पर बयान को लेकर मांगा गया था जवाब
योगेंद्र साव ने हाल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर बयान दिया था। उनके बयान को लेकर कांग्रेस की अनुशासन समिति ने आपत्ति जताई थी। पार्टी की ओर से जारी नोटिस में उनके सार्वजनिक बयानों को पार्टी अनुशासन और नेतृत्व के निर्देशों के अनुरूप नहीं माना गया था। कांग्रेस ने साव से तीन दिनों के भीतर अपना लिखित पक्ष रखने और व्यक्तिगत रूप से समिति के समक्ष उपस्थित होने को कहा था।
बंद लिफाफे में सौंपा जवाब
नोटिस का जवाब देने के लिए योगेंद्र साव कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने अपना लिखित जवाब बंद लिफाफे में पार्टी को सौंपा। जवाब में उन्होंने नोटिस में उठाए गए बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा है। फिलहाल साव के जवाब में क्या कहा गया है, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। कांग्रेस की अनुशासन समिति अब उनके जवाब पर विचार करेगी।
पहले भी अनुशासन को लेकर हुई थी कार्रवाई
कांग्रेस के आधिकारिक पक्ष के मुताबिक, योगेंद्र साव के खिलाफ पहले भी पार्टी अनुशासन से जुड़ी कार्रवाई हो चुकी है। बाद में पार्टी नेतृत्व ने उनके संगठनात्मक योगदान को देखते हुए वह निर्णय वापस लिया था। अब उनके हालिया बयानों को लेकर एक बार फिर अनुशासन समिति ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
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