रांची में मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता अभियान, 425 लोग हुए जागरूक

रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से 24 सितंबर को महुआजाड़ी पंचायत भवन और बोण्डो के ग्रामीण क्षेत्रों में मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीणों को “मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण

मानव तस्करी
मानव तस्करी और यौन शोषण पर डालसा की पहल

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रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से 24 सितंबर को महुआजाड़ी पंचायत भवन और बोण्डो के ग्रामीण क्षेत्रों में मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीणों को “मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2015” की जानकारी दी गई। अभियान में करीब 425 लोग जागरूक हुए और विभिन्न योजनाओं से संबंधित सहायता भी मिली।

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यह 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान के चरण-1 का हिस्सा है। अभियान झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना और न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा, रांची अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।

पीड़ितों को मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता

डालसा टीम ने ग्रामीणों को बताया कि मानव तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण गंभीर सामाजिक एवं कानूनी अपराध हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को भय या सामाजिक दबाव के कारण चुप रहने के बजाय अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी लेनी चाहिए। जरूरतमंद पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी परामर्श, न्याय तक पहुंच और पुनर्वास से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने में विधिक सेवा संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

महिलाओं और बच्चों को किया जागरूक

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों को मानव तस्करी के खतरों के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी गई। उन्हें जबरन श्रम, यौन शोषण, बहला-फुसलाकर ले जाने और अन्य प्रकार के शोषण से बचाव के उपाय बताए गए। ग्रामीणों से अपील की गई कि आसपास मानव तस्करी या शोषण से जुड़ा कोई मामला सामने आने पर इसकी सूचना संबंधित प्राधिकार को दें। साथ ही पीड़ित व्यक्ति को जरूरी कानूनी सहायता दिलाने में सहयोग करें।

घर-घर पहुंची डालसा की टीम

पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को विधिक सेवाओं की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर या असहाय व्यक्ति भी न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अभियान के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन योजना, पीएम किसान योजना और लेबर कार्ड से संबंधित आवेदन भी लिए गए। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस दौरान लगभग 425 लोग जागरूक हुए और योजना से लाभान्वित हुए।

न्याय और पुनर्वास से जोड़ना उद्देश्य

डालसा के इस अभियान का उद्देश्य मानव तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाना है। इसके साथ ही पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें न्याय, संरक्षण और पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ना भी अभियान का लक्ष्य है। इस अवसर पर डालसा टीम के पीएलवी कालिन्दर गोप, हरिराम करमाली, पुष्पलता देवी, सुजिता देवी, बेबी देवी, पम्मी देवी, फुलकुमारी देवी, पुनम देवी और तालिब अंसारी सहित बोण्डो गांव के ग्रामीण उपस्थित थे।

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