सियोल, दक्षिण कोरिया:अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ इस बार निर्धारित समय से छह दिन पहले समाप्त होगा। दक्षिण कोरिया ने बुधवार को बताया कि अमेरिका के अनुरोध पर अभ्यास अब 21 अगस्त को खत्म किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।ट्रंप ने हाल में अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इन्हें महंगा बताते हुए कहा था कि उत्तर कोरिया के साथ संबंध सुधारने की उनकी कोशिशों के लिहाज से ऐसे अभ्यास जरूरी नहीं हैं।
’11 दिन का था सैन्य अभ्यास’
योनहाप के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि इस साल ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास करीब 11 दिनों के लिए निर्धारित किया गया था। इसमें दक्षिण कोरिया और अमेरिका के सैनिकों के अलावा संयुक्त राष्ट्र कमान से जुड़े सैन्यकर्मी भी शामिल हुए।अभ्यास का मुख्य उद्देश्य उत्तर कोरिया की ओर से संभावित हमले की स्थिति में दोनों देशों की संयुक्त सैन्य तैयारी और कमान क्षमताओं को मजबूत करना है। ऐसे अभ्यास अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य तालमेल और युद्धक तैयारियों की जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
‘सियोल को फैसले की पहले जानकारी नहीं थी’
अभ्यास को निर्धारित समय से छह दिन पहले समाप्त करने का फैसला दक्षिण कोरिया के लिए भी अचानक सामने आया। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने कहा कि उन्हें अमेरिका के इस फैसले की पहले से जानकारी नहीं थी। इस घटनाक्रम के बाद दोनों सहयोगी देशों के बीच सैन्य समन्वय और सुरक्षा रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दक्षिण कोरिया के सामने अब अमेरिकी कूटनीतिक पहल और अपनी सुरक्षा जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।
‘ट्रंप-किम वार्ता की पृष्ठभूमि में फैसला’
डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच 2018 और 2019 में ऐतिहासिक शिखर वार्ताएं हुई थीं। हालांकि, 2019 में हनोई में हुई दूसरी बैठक उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे प्रतिबंधों को लेकर मतभेद के कारण बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी। अब ट्रंप प्रशासन एक बार फिर किम जोंग-उन के साथ बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। ऐसे में संयुक्त सैन्य अभ्यास को समय से पहले समाप्त करने के फैसले को उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने की दिशा में एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, दक्षिण कोरिया में इस फैसले को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के नियमित सैन्य अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बनाए रखने और उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिरोध क्षमता मजबूत रखने के लिए अहम हैं।उत्तर कोरिया और रूस के बीच बढ़ती सैन्य साझेदारी के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास में कटौती का फैसला और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सियोल के सामने अब चुनौती है कि वह ट्रंप की उत्तर कोरिया के साथ कूटनीतिक पहल का समर्थन करते हुए अपनी सुरक्षा और अमेरिका के साथ सैन्य गठबंधन की विश्वसनीयता भी बनाए रखे।








