रांची : झारखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के विभिन्न जिलों में सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी स्कैम (कोषागार घोटाले) को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा ने सरकार पर पूरे मामले को दबाने और जांच के नाम पर महज खानापूर्ति करने का गंभीर आरोप लगाया है।
‘छोटे कर्मचारियों तक सीमित रखी जा रही जांच’
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने एक बयान जारी कर कहा कि हजारीबाग, बोकारो, रांची, देवघर, पलामू, गोड्डा, जमशेदपुर, रामगढ़ और चाईबासा समेत कई जिलों के कोषागारों में वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आ चुकी है। इतने बड़े मामले को केवल निचले स्तर के कुछ पुलिसकर्मियों तक सीमित कर देना घोटाले की गंभीरता को छिपाने की कोशिश है।
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उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में ही घोटाले का आंकड़ा 150 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। सरकारी खजाने से इतने बड़े पैमाने पर अवैध निकासी बिना उच्च स्तर की जानकारी, स्वीकृति और निगरानी के संभव ही नहीं है। इसलिए एसआईटी (SIT) और सीआईडी (CID) को केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करनी चाहिए, जिनके कार्यकाल में यह गड़बड़ी हुई।
जिले के एसपी की भूमिका और परीक्षा घोटाले का दिया हवाला
अजय साह ने पूर्व में हुए परीक्षा घोटाले की जांच का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले उसमें भी कई लोगों को क्लीन चिट देने की कोशिश हुई थी, लेकिन युवाओं के आंदोलन के बाद जांच का दायरा बढ़ाना पड़ा और बड़ी मछलियां पकड़ी गईं। उसी तरह ट्रेजरी स्कैम में भी बड़े चेहरे को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस से संबंधित कोषागार निकासी और वित्तीय प्रक्रिया में डीडीओ (DDO) यानी जिले के एसपी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में जिन जिलों में यह फर्जीवाड़ा हुआ, वहां के तत्कालीन और वर्तमान एसपी पर अब तक कोई कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पर भी साधा निशाना
प्रदेश प्रवक्ता ने राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कोषागारों से इतनी बड़ी गड़बड़ी हुई, लेकिन जवाबदेही तय करने के बजाय वे केंद्र सरकार पर झारखंड के वित्तीय संकट का आरोप मढ़ने में व्यस्त हैं। भाजपा ने मांग की है कि ट्रेजरी स्कैम की जांच पूरे प्रशासनिक और वित्तीय तंत्र तक बढ़ाई जाए, सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।






