जिला न्यायालय के बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर अपग्रेड और विकसित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन 35 एकड़ उपयुक्त जमीन की तलाश कर रहा है, जहां भव्य कोर्ट परिसर के साथ-साथ आवासीय इकाइयों का भी निर्माण किया जा सकेगा।
जिला स्तरीय निगरानी समिति (डीएलएमसी) की महत्वपूर्ण बैठक में जिला पदाधिकारी (डीएम) ने खुद इस बड़े प्रोजेक्ट की प्रगति को लेकर जानकारी साझा की है।
बड़ा कोर्ट हॉल और आवासीय परिसर
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में जमीन चयन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन ऐसी जमीन की तलाश में है जो नगर निगम क्षेत्र या इसके बिल्कुल नजदीक स्थित हो, ताकि आम लोगों और अधिवक्ताओं को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। नए परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस बड़ा कोर्ट हॉल और न्यायिक पदाधिकारियों के लिए आवासीय फ्लैट्स बनाए जाएंगे।
: मुख्य कोर्ट परिसर से मुकदमों और भीड़भाड़ का दबाव कम करने के लिए प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, एसडीओ पश्चिमी (SDO West) कार्यालय के समीप खासमहाल की जमीन पर अलग से एक्साइज कोर्ट (उत्पाद न्यायालय) का निर्माण कराया जाएगा। इस नए कोर्ट के चालू होने से वर्तमान कोर्ट परिसर पर गाड़ियों और आगंतुकों का लोड काफी हद तक कम हो जाएगा।
बहाल होंगे रेडियोलाजिस्ट
इस बैठक में जिले की स्वास्थ्य और जेल व्यवस्था से जुड़े कई अन्य अहम फैसले भी लिए गए। जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड) के सामने आने वाले विधि विवादित किशोरों की सही उम्र का सटीक पता लगाने के लिए सदर अस्पताल में अलग से एक रेडियोलाजिस्ट की बहाली की जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव को पत्र भेजकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में महिला कैदियों की सहूलियत के लिए एक महिला चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गई है।




