पटना : SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में छात्रों ने करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11 बजे छात्र गांधी मैदान से लोकभवन मार्च के लिए निकले। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग की, लेकिन छात्रों ने उसे तोड़ दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए छात्रों को ले जाने के लिए जिस वैन का इस्तेमाल किया जाना था, उसकी चाबी लेकर एक छात्र भाग गया। इसके बाद पुलिस को दूसरी बस बुलानी पड़ी। इस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा छात्राओं को खींचकर ले जाने की भी बात सामने आई।
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डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका
लोकभवन मार्च के लिए निकले छात्रों को पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और केंद्र सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ करीब एक घंटे तक नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। छात्रों का आरोप था कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
बैरिकेडिंग लेकर भागे छात्र
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी। डाकबंगला चौराहे पर लगी एक बैरिकेडिंग को छात्र अपने साथ लेकर भाग गए। पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर वहां से हटाने की कोशिश करती रही।
पोस्टर लेकर पहुंचे थे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन में शामिल छात्र अपने साथ कई तरह के पोस्टर लेकर पहुंचे थे। एक पोस्टर पर लिखा था, ‘टियर गैस की व्यवस्था नहीं है?’ दूसरे पर ‘तोहर कुर्सी उड़ा देब प्रोटेस्ट से’ लिखा था। वहीं, एक अन्य पोस्टर पर ‘समोसा जाएगा तेल में, ज्ञानू को भेजो जेल में’ का नारा लिखा था। SIR के खिलाफ निकाले गए इस मार्च के दौरान छात्र केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगातार नारेबाजी करते रहे। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।



