रांची : भगवान भोलेनाथ की आराधना का पावन महीना सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस दौरान रांची के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और दर्शन व्यवस्था को लेकर इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। इस दिन सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेगा।
Read More : रांची अशोक नगर चोरी कांड में एक और गिरफ्तारी, 60 लाख के जेवरात बरामद
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
पहाड़ी मंदिर विकास समिति के संस्थापक दयाशंकर शर्मा ने बताया कि इस बार जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि समिति का प्रयास है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक और दर्शन कर सके।
अर्घ सिस्टम से होगा जलाभिषेक
मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालु पहाड़ी के नीचे स्थित शिव मंदिर और मुख्य पहाड़ी मंदिर, दोनों स्थानों पर अर्घ सिस्टम के माध्यम से भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकेंगे। इससे जल चढ़ाने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और भीड़ को नियंत्रित करने में भी आसानी होगी।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग कतार
भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था की है। सावन के प्रत्येक रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं का प्रवेश मुख्य द्वार के बगल वाले मार्ग से कराया जाएगा, जिससे मुख्य गेट पर दबाव कम रहेगा। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। इसके अलावा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एक अलग आपातकालीन निकास मार्ग भी तैयार किया गया है।
पेयजल, कलश और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध रहेगा। नियमित रूप से टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा करीब 1000 प्लास्टिक के कलश भी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। मंदिर परिसर की सभी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर दी गई है। साफ-सफाई बनाए रखने के लिए विशेष टीम पूरे दिन तैनात रहेगी, जो लगातार निगरानी करेगी।
जानिए मंदिर के दर्शन का समय
सावन माह के दौरान मंदिर का पट प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे खुलेगा और दोपहर 1 बजे तक दर्शन होंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे मंदिर फिर खुलेगा और रात 9 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। हर दिन शाम 7:30 बजे बाबा भोलेनाथ की संध्या आरती होगी। वहीं सावन के सभी रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए दिन में मंदिर का पट बंद नहीं किया जाएगा।
60 CCTV कैमरों और 400 पुलिसकर्मियों की रहेगी तैनाती
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। पूरे पहाड़ी मंदिर परिसर पर 60 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। नेटवर्क संबंधी किसी भी समस्या से निपटने के लिए वॉकी-टॉकी की व्यवस्था भी की गई है। हर सोमवार को करीब 400 पुलिसकर्मी, दंडाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
जिला प्रशासन और पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित प्रवेश मार्ग का उपयोग करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि सभी के सहयोग से ही लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता के साथ बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर सकेंगे।




