देवघर : श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर एक ओर राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देवघर के सांसद निशिकांत दुबे ने बाबा बैद्यनाथ धाम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे सांसद ने मंदिर प्रबंधन और राज्य सरकार की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि सीएम हेमंत सोरेन श्रावणी मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए देवघर आने वाले हैं। श्राइन बोर्ड के सदस्य होने के नाते वह भी बैठक में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्हें सीएम का दौरा स्थगित होने की सूचना मिली।
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श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर सरकार को घेरा
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि सीएम का देवघर और बासुकीनाथ की व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों से श्राइन बोर्ड की बैठक तक नहीं हुई है। उनके अनुसार, हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं, लेकिन उनकी सुविधाओं और समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित स्तर पर पहल नहीं की गई। सांसद ने कहा कि श्रद्धालुओं को आज भी ठहरने, विश्राम और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि आस्था के इस बड़े केंद्र पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
पीएम फंड के उपयोग पर भी सवाल
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराए गए 50 करोड़ रुपये का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि इस राशि का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाता तो कांवरियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकती थीं। सांसद ने सीएम से अपील करते हुए कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसलिए यहां की व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मूलभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।




