शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू, जानें मां दुर्गा के आगमन की मान्यता

नई दिल्ली : शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिरों और पूजा समितियों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में दुर्गा पूजा के पंडाल भी आकार लेने लगे हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर (रविवार) से होगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार

शारदीय नवरात्र
सांकेतिक फोटो

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नई दिल्ली : शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिरों और पूजा समितियों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में दुर्गा पूजा के पंडाल भी आकार लेने लगे हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर (रविवार) से होगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार रविवार को नवरात्र शुरू होने पर मां दुर्गा के वाहन हाथी यानी गज पर आने की मान्यता है। वहीं, शुक्रवार को महाषष्ठी पड़ने के कारण देवी के डोला यानी पालकी या खटोला पर आगमन की मान्यता है।

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डोला पर मां दुर्गा के आगमन की मान्यता

पंडित रामदेव पांडेय के अनुसार शुक्रवार को षष्ठी होने की स्थिति में मां दुर्गा का आगमन डोला, यानी पालकी या खटोले पर होगा। धार्मिक मान्यताओं में देवी के डोला पर आगमन को जन-धन की हानि से जोड़कर देखा जाता है। इसी तरह सोमवार को दशमी पड़ने पर देवी के गज यानी हाथी पर प्रस्थान की मान्यता बताई गई है। ऐसी स्थिति को आम लोगों के लिए परेशानी और शोक का संकेत माना जाता है।

20 अक्टूबर को मनाई जाएगी विजयादशमी

दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे तक रहेगी। 20 अक्टूबर को दशमी तिथि के प्रदोष काल और श्रवण नक्षत्र की स्थिति बनने के कारण इसी दिन विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। विजयादशमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रावण दहन भी किया जाएगा। विजय मुहूर्त 20 अक्टूबर को दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक रहेगा।

नवरात्र और विजयादशमी की प्रमुख तिथियां

  • नवरात्र प्रारंभ: 11 अक्टूबर, रविवार
  • विजयादशमी: 20 अक्टूबर, मंगलवार
  • दशमी तिथि प्रारंभ: 20 अक्टूबर, दोपहर 12:50 बजे
  • दशमी तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर, दोपहर 2:11 बजे
  • विजय मुहूर्त: 20 अक्टूबर, दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक
  • 11 अक्टूबर से मां के नौ स्वरूपों की पूजा

नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होगी।

11 अक्टूबर: प्रथम — मां शैलपुत्री की पूजा, रविवार

12 अक्टूबर: द्वितीय — मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, सोमवार

13 अक्टूबर: तृतीय — मां चंद्रघंटा की पूजा, मंगलवार

14 अक्टूबर: चतुर्थ — मां कुष्मांडा की पूजा, बुधवार

15 अक्टूबर: पंचम — मां स्कंदमाता की पूजा, गुरुवार

16 अक्टूबर: षष्ठी — मां कात्यायनी की पूजा, शुक्रवार

17 अक्टूबर: सप्तमी — मां कालरात्रि की पूजा, शनिवार

18 अक्टूबर: अष्टमी — मां महागौरी की पूजा, रविवार

19 अक्टूबर: नवमी — मां सिद्धिदात्री की पूजा, सोमवार

20 अक्टूबर: दशमी — मां की विदाई, मंगलवार

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