जमशेदपुर-सरायकेला पुलिस की बैठक, अपराधियों पर संयुक्त कार्रवाई

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर शनिवार को जमशेदपुर पुलिस मुख्यालय में दोनों जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अपराधियों के खिलाफ समन्वय बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर संयुक्त कार्रवाई को मजबूत करने पर

सरायकेला
पुलिस साथ मिलकर करेगी अपराधियों पर कार्रवाई

अपनी भाषा में पढ़ें

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर शनिवार को जमशेदपुर पुलिस मुख्यालय में दोनों जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अपराधियों के खिलाफ समन्वय बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर संयुक्त कार्रवाई को मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब, सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी समेत दोनों जिलों के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य रूप से ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा हुई, जो एक जिले में घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे जिले की सीमा में जाकर छिप जाते हैं।

सीमा का फायदा उठाकर दूसरे जिले में छिपते हैं अपराधी

सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि दोनों जिलों की भौगोलिक निकटता के कारण अपराधियों के लिए एक जिले से दूसरे जिले में भागना आसान हो जाता है। जमशेदपुर में घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी कुछ ही समय में आदित्यपुर, कपाली या सरायकेला-खरसावां जिले के अन्य इलाकों में पहुंच जाते हैं। इसी तरह सरायकेला-खरसावां जिले के अपराधी भी जमशेदपुर क्षेत्र में जाकर छिपने का प्रयास करते हैं। ऐसे में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए दोनों जिलों की पुलिस के बीच लगातार समन्वय जरूरी है।

सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई पर जोर

एसपी ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों जिलों की पुलिस को बेहतर तरीके से जोड़ना और जरूरत पड़ने पर संयुक्त कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत करना है। पुलिस अधिकारियों और जवानों को दोनों जिलों की सीमा को अलग-अलग क्षेत्र के बजाय अपराध नियंत्रण के लिए साझा क्षेत्र के रूप में देखने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर से तड़ीपार किए गए कुछ अपराधियों के आदित्यपुर क्षेत्र में जाकर छिपने की जानकारी भी सामने आती रही है। दोनों शहरों के बीच दूरी कम होने के कारण ऐसे अपराधी दूसरे जिले में पहुंचकर अपनी गतिविधियां जारी रखने का प्रयास करते हैं।

Read More : झारखंड हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, मनोज प्रसाद समेत 3 नियुक्त

बैठक में ऐसे अपराधियों की पहचान, उनकी गतिविधियों की निगरानी और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को लेकर समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई। जरूरत पड़ने पर संयुक्त छापेमारी और कार्रवाई की व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले की सीमा का फायदा उठाकर अपराधियों के बच निकलने की कोशिश रोकने के लिए थाना स्तर से लेकर वरीय अधिकारियों के बीच संपर्क और सूचना तंत्र को मजबूत किया जाएगा। अपराधियों के ठिकानों, उनके सहयोगियों और गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं साझा कर समय रहते कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई है। बैठक के बाद पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि सीमा क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखते हुए संयुक्त कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3
Advertisement 4
Advertisement 5
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *