जमानियां (गाजीपुर)। दिल्ली – हावड़ा मुख्य रेल मार्ग के स्थानीय स्टेशन के डिग्री गांव के आगे बीते दो जुलाई की रात अप रेलवे लाइन में गिरा पड़ा मालगाड़ी का फ्लैप डोर संघमित्रा एक्सप्रेस ट्रेन से टकरा गया। शनिवार की सुबह दानापुर मंडल आरपीएफ के वरीय मुख्य सुरक्षा आयुक्त उदय सिंह पवार सड़क मार्ग से मौके पर पहुंच जांच की।
स्थानीय स्टेशन के डिग्री गांव के आगे बीते दो जुलाई को अप लाइन पर मालगाड़ी का फ्लैप डोर गिरा था। रात में अप लाइन में पीडीडीयू की ओर संघमित्रा एक्सप्रेस ट्रेन जा रही थी। तभी ट्रेन के पायलट की नजर ट्रैक पर पड़े मालगाड़ी के पलैप डोर पर पड़ी। हालांकि डिग्री गांव के पास 30 किमी का काशन होने के कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी थी लेकिन चालक के ट्रेन को रोकते रोकते इंजन का पहिया लोहे के फ्लैप डोर पर चढ़ गया।
पायलट ने ट्रेन को पीछे कर फ्लैप डोर को ट्रैक से हटा कर इसकी सूचना जमानियां स्टेशन को दी। वहां से सूचना दानापुर नियंत्रण कक्ष को दी गई। मंडल के अधिकारियों में खलबली मच गई। मंडल के डीआरएम ने पूरे घटनाक्रम के जांच का आदेश दिया। आरपीएफ व परिचालन विभाग इसकी जांच में जुट गया कि आखिरकार मालगाड़ी का फ्लैप डोर यहां कैसे गिर गया, जबकि दो जुलाई की शाम 6:40 के बाद अप लाइन में एक ही मालगाड़ी पीडीडीयू की ओर गई थी।
अगर उसका फ्लैप डोर गिरा रहता तो उसके बाद और ट्रेनें अप लाइन में गुजरी लेकिन किसी ट्रेन के पायलट ने इसकी जानकारी नहीं दी। केवल रात में संघमित्रा एक्सप्रेस ट्रेन के पायलट ने ट्रैक पर पलैप डोर गिरा होना देखा। कयास लगाया जा रहा है कि कही अराजकतत्वों ने तो ट्रैक पर फ्लैप डोर किसी साजिश के तहत ट्रेन पलटने के लिए तो नहीं रख दिया। यह घटना ट्रेन परिचालन में बाधा उत्पन्न करने व संरक्षा व सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
सोमवार को मंडल के डीआरएम को इस घटना क्रम की जांच टीम अपनी जांच रिपोर्ट भी सौंपेगी। हालांकि इसको लेकर आरपीएफ सहित रेलवे के अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आरपीएफ के मुख्य वरीय सुरक्षा आयुक्त उदय सिंह पवार ने बताया कि इस घटना की जांच की जा रही है। घटना स्थल का भी जायजा लिया गया। वह दिलदारनगर से ट्रेन से दानापुर को रवाना हो गए। आरपीएफ प्रभारी गणेश राणा व बक्सर आरपीएफ प्रभारी कुंदन कुमार रहे।




