रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने 18 जुलाई को आयोजित होने वाली चेक अनादरण (एनआई एक्ट) से संबंधित विशेष लोक अदालत की तैयारियों को लेकर विभिन्न बैंकों और बीमा कंपनियों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विशेष लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर जोर दिया गया।
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डालसा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित मामलों में अधिक से अधिक नोटिस तामील कराए जाएं, ताकि अधिक संख्या में पक्षकार विशेष लोक अदालत में शामिल होकर आपसी सहमति से अपने मामलों का समाधान कर सकें। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश और न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष के मार्गदर्शन में 18 जुलाई 2026 को चेक अनादरण मामलों की विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसके पूर्व 3 जुलाई से 17 जुलाई तक प्री-लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों के बीच सुलह-समझौते की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि एनआई एक्ट से संबंधित मामलों में अधिक से अधिक नोटिस भेजे जा रहे हैं, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके। उन्होंने बैंकों से अपने परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर एवं बैनर लगाकर लोगों को विशेष लोक अदालत के बारे में जागरूक करने की अपील की। डालसा ने बताया कि सभी पारा विधिक स्वयंसेवकों (PLV) को गांवों, पंचायतों, प्रखंडों, चौक-चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत पंपलेट और लीफलेट वितरित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग विशेष लोक अदालत का लाभ उठा सकें।
डालसा सचिव ने कहा कि पीएलवी की मदद से नोटिस तैयार करने और तामील कराने का कार्य भी किया जा रहा है। उम्मीद है कि विशेष लोक अदालत के माध्यम से चेक अनादरण से जुड़े बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निस्तारण किया जाएगा।




