रांची : राजधानी के सदर अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए धनबाद से आए एक मरीज की अत्यंत जटिल थोरैसिक डिकॉर्टिकेशन (Thoracic Decortication) सर्जरी सफलतापूर्वक की है। सरकारी अस्पताल में इस जटिल ऑपरेशन की सफलता को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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अस्पताल के अनुसार, मरीज लंबे समय से क्रॉनिक एम्पायमा (Chronic Empyema) से पीड़ित था। उसके सीने में मवाद और थक्के जम जाने के कारण उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने थोरैसिक डिकॉर्टिकेशन सर्जरी करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान ही मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया। इस दौरान मरीज की डायग्नोस्टिक थोराकोस्कोपी और ब्रोंकोस्कोपी भी की गई।
बताया गया कि मरीज को हृदय संबंधी बीमारियों (कार्डियक कोमोरबिडिटीज) के कारण रांची के कुछ निजी अस्पतालों ने सर्जरी करने से मना कर दिया था। जहां निजी अस्पतालों में इस ऑपरेशन का खर्च लगभग 6 से 8 लाख रुपये आता है, वहीं सदर अस्पताल में यह सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की गई।
यह जटिल सर्जरी सदर अस्पताल के ऑन्को सर्जन डॉ. अभिनव के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस दौरान डॉ. अखिलेश (सर्जन), डॉ. सौविक (पल्मोनोलॉजिस्ट), डॉ. दीपक, डॉ. आंचल और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस सफलता में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश और सिविल सर्जन डॉ. प्रभात के मार्गदर्शन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस उपलब्धि से रांची सदर अस्पताल ने राज्य में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता और गुणवत्ता का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।




