रांची : राजधानी रांची स्थित राज अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत और उसके बाद हुए विवाद पर सीएम हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। उन्होंने रांची के डीसी को पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। सीएम के निर्देश के बाद उपायुक्त ने सिविल सर्जन को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए निष्पक्ष रिपोर्ट देने को कहा है।
माननीय महोदय वर्णित मामलें में संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन सदर रांची को जांच करते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिए गए है।
— DC Ranchi (@DC_Ranchi) July 4, 2026
साथ ही जिला स्तरीय जाँच टीम बना कर जाँच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए गए है।@JharkhandCMO @HemantSorenJMM @RanchiHealth https://t.co/qqcVOvNEYZ
मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और अनावश्यक बिलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अधिक बिलिंग का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने गंभीर लापरवाही बरती। उनका कहना है कि भर्ती रहने के दौरान दो से तीन दिन तक जख्म की नियमित ड्रेसिंग नहीं की गई, जिससे पैर में संक्रमण फैल गया। धीरे-धीरे संक्रमण बढ़ता गया और युवक की हालत गंभीर हो गई। बाद में उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब चोट केवल पैर में थी, तो संक्रमण सिर तक कैसे पहुंच गया। उनका आरोप है कि इलाज के नाम पर खर्च को अनावश्यक रूप से बढ़ाया गया।
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मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 22 लाख रुपये का बिल सौंपा। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और डॉक्टरों तथा अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के साथ-साथ अनावश्यक बिलिंग का आरोप लगाया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री को पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सीएम के निर्देश के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। डीसी ने सिविल सर्जन को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए निष्पक्ष रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही जिला स्तर पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो अस्पताल के रिकॉर्ड, इलाज की प्रक्रिया और लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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