रांची : राजधानी रांची में ऑनलाइन कैब सेवाओं से जुड़े चालकों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। हड़ताल के कारण ओला, उबर और रैपिडो की सेवाएं शहर के कई हिस्सों में प्रभावित रहीं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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यूनियन का दावा है कि ओला, उबर और रैपिडो के साथ किराये में करीब 25 प्रतिशत बढ़ोतरी को लेकर सहमति बन गई है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने होंगे।
कंपनियों के मुख्यालय तक पहुंचा मामला
यूनियन नेताओं के अनुसार, चारपहिया कैब चालकों की मांगें कंपनियों के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय तक पहुंच चुकी हैं। कंपनियों की ओर से कहा गया है कि पैनल स्तर पर चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यूनियन ने यह भी दावा किया कि पिछले तीन दिनों के दौरान एक भी कैब बुकिंग नहीं हो सकी। इसे लेकर चालक संगठन ने चिंता जताई है।
12 हजार चालक हड़ताल में, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन के मुताबिक, रांची और आसपास के करीब 12 हजार चालक इस हड़ताल में शामिल हैं। आंदोलन की अगली रणनीति तय करने के लिए बुधवार को रांची प्रेस क्लब में एक अहम बैठक बुलाई गई है। हड़ताल का असर रांची एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, हटिया स्टेशन, कांके, अरगोड़ा, कांटाटोली, बरियातू, नामकुम, हरमू रोड और रातू रोड सहित कई इलाकों में देखा गया। कई चालक अपनी गाड़ियों के साथ सांकेतिक प्रदर्शन करते नजर आए।
कैब सेवाएं ठप रहने से सबसे अधिक परेशानी यात्रियों को उठानी पड़ रही है। बारिश के बीच लोगों को ऑटो, टेंपो और बैटरी रिक्शा का सहारा लेना पड़ रहा है। मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों ने जल्द समाधान निकालकर कैब सेवाएं सामान्य करने की मांग की है।




