नई दिल्ली : बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गांव से जुड़ी 11वीं कक्षा की छात्रा रागिनी ओझा ने रक्षाबंधन के अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को अपने हाथों से बनाई राखी बांधी। दिल्ली के राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय, पश्चिम विनोद नगर की कक्षा 11 विज्ञान की छात्रा रागिनी पहली बार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं, जहां उन्हें CJI से सीधे मिलने का अवसर मिला। CJI सूर्यकांत ने सर्वोच्च न्यायालय के जजेज लाउंज में 20 स्कूली विद्यार्थियों के समूह के साथ संवाद किया और उनके साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इसी दौरान रागिनी ने उन्हें अपने हाथों से बनाई राखी बांधी।
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रागिनी की इच्छा पर हुआ रक्षाबंधन समारोह
जानकारी के मुताबिक, रागिनी ने रक्षाबंधन पर खुद बनाई राखी CJI सूर्यकांत को बांधने की इच्छा जताई थी। छात्रा की इस सरल और भावनात्मक इच्छा से प्रभावित होकर CJI ने सुप्रीम कोर्ट परिसर स्थित जजेज लाउंज में रक्षाबंधन समारोह आयोजित करने का निर्देश दिया। समारोह के दौरान रागिनी ने CJI सूर्यकांत का हस्ताक्षर भी लिया। वह इसे जीवनभर एक अमूल्य स्मृति के रूप में संजोकर रखना चाहती हैं। कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों के लिए अल्पाहार और जलपान की भी व्यवस्था की गई।
पहली बार सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं रागिनी
रागिनी बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गांव से संबंध रखती हैं। इस बार वह पहली बार सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और उन्हें देश के मुख्य न्यायाधीश से मिलने का अवसर मिला। रागिनी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में प्रवेश का क्षण भी उनके लिए बेहद यादगार रहा। एस्कॉर्ट वाहन के सुरक्षा द्वारों से होकर परिसर में पहुंचने के दौरान उन्हें पहली बार ऐसा सम्मान और गरिमा महसूस हुई, जिसे शब्दों में व्यक्त करना उनके लिए कठिन था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें ऐसा लग रहा था, जैसे वह कोई सपना देख रही हों।
बोलीं- जीवनभर प्रेरणा देगा यह अनुभव
रागिनी के मुताबिक, वह सुप्रीम कोर्ट से सिर्फ CJI को राखी बांधकर वापस नहीं लौटीं, बल्कि अपने साथ कई मीठी स्मृतियां, जीवनोपयोगी शिक्षाएं और अनमोल अनुभव लेकर लौटी हैं। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके जीवनभर प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। रागिनी ने CJI सूर्यकांत के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए धन्यवाद देने को उनके पास पर्याप्त शब्द नहीं हैं। उनके लिए यह सिर्फ रक्षाबंधन का अवसर नहीं, बल्कि जीवनभर संजोकर रखने वाली एक अमूल्य स्मृति है।


