रांची : चैंबर चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ने के साथ पंडरा बाजार की समस्याएं भी चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। पंडरा बाजार के दुकानदारों और व्यापारियों ने बाजार की समस्याओं को लेकर चैंबर चुनाव में मैदान में उतरे प्रत्याशियों के सामने अपनी बात रखनी शुरू कर दी है। मंगलवार को पंडरा बाजार समिति और रांची चैंबर के अध्यक्ष संजय मोहरी से चैंबर चुनाव में तुलसी पटेल टीम के प्रत्याशी पवन और रोहित पोद्दार ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंडरा बाजार और वहां के व्यापारियों की समस्याओं की जानकारी ली।
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बाजार समिति के सचिव से प्रस्तावित थी बैठक
मुलाकात के बाद बाजार समिति के सचिव के साथ बुधवार शाम चार बजे बैठक का समय तय किया गया था। इसकी जानकारी चैंबर चुनाव की दूसरी टीम के प्रत्याशियों को मिलने के बाद उन्होंने बाजार समिति के एमडी से संपर्क किया। दूसरी टीम के प्रत्याशियों ने बताया कि इस बार चैंबर चुनाव में तीन टीमें मैदान में हैं और फिलहाल चुनाव आचार संहिता लागू है। ऐसे में प्रत्याशियों के साथ बैठक करना आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होगा। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी गई।
व्यापारियों ने गिनाईं पंडरा बाजार की समस्याएं
व्यापारी प्रतिनिधि संतोष सिंह और व्यापारी उदय शंकर चौधरी ने पंडरा बाजार की समस्याओं के साथ बाजार समिति की कई कमियों को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाजार समिति के सचिव के पास भुगतान करने की अधिकतम सीमा 9,999 रुपये है। व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा समय में इतनी राशि में विकास कार्य कराना संभव नहीं है। उन्होंने बाजार समिति की इंजीनियरिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्या भी उठाई।
इंजीनियरिंग सेल में कर्मचारियों की बहाली की मांग
व्यापारियों के अनुसार बाजार समिति में इंजीनियरिंग से जुड़े सभी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में इंजीनियरिंग सेल में बहाली करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बाजार समिति के सचिव को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इंजीनियर की मौजूदगी में ही सड़क की नापी कर एस्टीमेट तैयार किया जाता है और इसके बाद कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
मार्केटिंग बोर्ड और कमेटी गठन का मुद्दा
व्यापारी प्रतिनिधियों ने कहा कि मार्केटिंग बोर्ड से जुड़े कार्यों को बोर्ड के स्तर से ही कराया जाना होता है। इसके अलावा बाजार समिति की कमेटी का गठन भी अभी तक नहीं हुआ है। व्यापारियों के अनुसार कमेटी का गठन नहीं होने के कारण भी कई कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। पंडरा बाजार के व्यापारी इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।






