रांची। अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर रांची स्थित ईएसआईसी मॉडल हॉस्पिटल परिसर में शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ समाज को एकजुट करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एफएमटी विभाग के डॉ. अभिषेक कुमार ने कहा कि मादक द्रव्यों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे देश को प्रभावित करता है। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक संबंध और मानसिक शांति पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
वहीं, साइकियाट्री विभाग की डॉ. अभीप्सा ने युवाओं में बढ़ते तनाव, जिज्ञासा और गलत संगति को नशे की ओर बढ़ने का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अवैध रूप से नशे का कारोबार करने वाले असामाजिक तत्वों की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना पुलिस को दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा उपयोगी सूचना पर सरकार की ओर से एक लाख रुपये तक के पुरस्कार का भी प्रावधान है। कार्यक्रम में डीन-इन-चार्ज डॉ. सामंथा, डॉ. श्वेत निशा, डॉ. श्वेता कुणाल, डॉ. मंटू, डॉ. सृष्टि और डॉ. कश्मीरा सहित अस्पताल के चिकित्सक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने, समाज को नशामुक्त बनाने और मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम में सक्रिय सहयोग देने का सामूहिक संकल्प लिया।



