रांची: मुंबई से हावड़ा जाने वाली गीतांजली एक्सप्रेस एक शव के साथ 12 घंटे तक चलती रही, लेकिन रेलवे ने बार-बार शिकायत के बाद भी सुध नहीं ली। ट्रेन में सफर कर रहे कैंसर पीड़ित एक यात्री की मौत हो गई। बावजूद ट्रेन शव के साथ ही 12 घंटों तक चलती रही। आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद रेलवे प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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विनोद पासवान की मौत के बाद, परिजनों ने उनके शव को एक चादर से ढक दिया। ट्रेन में मौजूद अन्य यात्रियों को जब इस बात का पता चला, तो उन्होंने TTE को इसकी जानकारी दी और मेडिकल एड और शव उतारने की मांग की। लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे यात्रियों में भारी आक्रोश फैल गया।
12 घंटे तक ट्रेन में पड़ा रहा शव
यात्रियों का आरोप है कि विनोद पासवान की मौत सुबह करीब 8:00 बजे हो गई थी, लेकिन रात 8:00 बजे तक भी शव को वहां से नहीं उतारा गया। इतने घंटों तक यात्रियों को शव के साथ ही सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
गौरतलब है कि गीतांजलि एक्सप्रेस अपने तय समय से 12 घंटे देरी से चल रही थी, जिससे यात्री पहले से ही काफी परेशान थे। ट्रेन कई बड़े स्टेशनों से होकर गुजरी, लेकिन कोई भी रेलवे अधिकारी स्थिति का जायजा लेने या शव के संबंध में मदद करने नहीं आया। यात्रियों ने कई बार मेडिकल टीम बुलाने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी एक न सुनी गई।
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