रांची : पर्युषण पर्व के प्रथम दिवस के अवसर पर साधुमार्गी जैन संघ, रांची के तत्वावधान में आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और धर्मलाभ लिया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से पधारीं उपासिका पुष्पा जी ओस्तवाल एवं ज्योति जी ओस्तवाल ने प्रेरणादायी प्रवचन दिया। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को धर्म, आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक जीवन के प्रति जागरूक किया। उपासिकाओं ने कहा कि पर्युषण पर्व आत्मावलोकन, क्षमा, तप, त्याग और आत्मशुद्धि का पर्व है। उन्होंने अहिंसा, क्षमा, तप, त्याग और आत्मविजय के महत्व को समझाते हुए धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
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समाज के कई सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इनमें अशोक सुराणा, छोटे लाल चोरारिया, अमरचंद बेगानी, मोहन लाल पींचा, ललित पींचा और राकेश बछावत सहित अन्य समाजजन शामिल रहे। महिला मंडल की ओर से पायल कोठारी, मगन देवी पींचा, पुष्पा सुराणा और सरिता दसानी सहित अनेक श्राविकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
15 सितंबर तक प्रतिदिन होगा प्रवचन
पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से 9:30 बजे तक प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम 15 सितंबर 2026 तक निरंतर चलेगा। सभी प्रवचन प्रथम तल, दिगंबर जैन भवन, रांची में आयोजित किए जाएंगे। साधुमार्गी जैन संघ, रांची ने समाज के सभी श्रावक-श्राविकाओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रवचन का लाभ लेने और धर्मलाभ करने का आग्रह किया है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उपासिका बहनों के प्रवचन का लाभ लिया और पर्युषण पर्व के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए साधुमार्गी जैन संघ, रांची ने सभी उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं, समाजजनों और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।






