नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को NEET परीक्षा और देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार के पास प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा पेपर लीक मामलों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।
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प्रियंका गांधी ने छात्रों के समर्थन में कही यह बात
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी हिंसा के खिलाफ है और उसकी विचारधारा हिंसा को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और उन्हें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का पूरा हक है। पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अलोकतांत्रिक तरीके से नहीं रोका जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह विरोध छात्रों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि विपक्षी सांसद छात्रों और सांसदों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे हैं। वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि बिना नेम टैग वाले पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की।
संसद में सरकार और विपक्ष आमने-सामने
लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की स्पष्ट मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं का मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई और इस मामले पर प्रधानमंत्री को संसद में आकर जवाब देना चाहिए।
हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित
लगातार हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के एक मिनट बाद ही स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन कुछ ही मिनट बाद इसे फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।




