नई दिल्ली : देश के प्रमुख खुदरा बाजारों में प्याज की कीमतों में एक बार फिर से तेज उछाल देखने को मिल रहा है। कई शहरों में प्याज का खुदरा भाव 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। अचानक बढ़ी इन कीमतों से आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट बुरी तरह प्रभावित होने लगा है।
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आपूर्ति प्रभावित होने से बढ़ीं कीमतें
व्यापारियों के मुताबिक, मंडियों में आवक घटने, मौसम के मिजाज और आपूर्ति शृंखला से जुड़ी समस्याओं का सीधा असर बाजार पर पड़ा है। कुछ प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से प्याज की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण थोक और खुदरा कीमतों के बीच का अंतर काफी बढ़ गया है। कारोबारियों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो कीमतों पर दबाव इसी तरह बना रह सकता है।
आम जनता से लेकर कारोबारियों की बढ़ी चिंता
प्याज के बढ़ते दामों का असर न केवल घरेलू बजट पर पड़ रहा है, बल्कि होटल, रेस्तरां और छोटे खाद्य कारोबारियों की लागत भी बढ़ गई है। उपभोक्ता अब अपनी जरूरत की प्याज खरीदने के लिए पहले के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने को मजबूर हैं।
सरकार रख रही है बाजार पर नजर
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे उपायों के बावजूद फिलहाल दामों में तेजी बनी हुई है। हालांकि, सरकार बाजार में प्याज की उपलब्धता और दरों पर लगातार नजर बनाए हुए है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंडियों में नई आवक बढ़ने के बाद जल्द ही आम जनता को बढ़ती कीमतों से राहत मिल सकती है।




