श्रीकृष्ण कथा के तीसरे दिन बोले आचार्य कुलदीप, गौ भारतीय मनीषा की धुरी

रांची : रांची के बरियातू रोड स्थित डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल में बुधवार को आर्य ज्ञान प्रचार समिति रांची द्वारा संचालित सीनियर सिटीजन होम के तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी श्रीकृष्ण कथा के तीसरे दिन का कार्यक्रम हुआ। कथा 9 सितंबर से 12 सितंबर तक प्रतिदिन

श्रीकृष्ण कथा

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रांची : रांची के बरियातू रोड स्थित डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल में बुधवार को आर्य ज्ञान प्रचार समिति रांची द्वारा संचालित सीनियर सिटीजन होम के तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी श्रीकृष्ण कथा के तीसरे दिन का कार्यक्रम हुआ। कथा 9 सितंबर से 12 सितंबर तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक और 13 सितंबर को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य कुलदीप जी ने विद्यालय की यज्ञशाला में यज्ञ कर की। इसके बाद उन्होंने यजमानों को आशीर्वाद प्रदान किया। आज के स्वागताध्यक्ष आर्य ज्ञान प्रचार समिति रांची के प्रधान एसएल गुप्ता, आर्यसमाज रांची की संरक्षिका सुशीला गुप्ता, अजय आर्य और काजल आर्या सहित अन्य लोगों ने पुष्पमालाओं से आचार्य जी का स्वागत किया। इसके बाद आचार्य जी के साथ सभी अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित किया।

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कथा में गौ और कृष्ण के महत्व पर चर्चा

कथा के दौरान आचार्य कुलदीप जी ने द्वापर युग में श्रीकृष्ण की आवश्यकताओं और उनके विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि गाय संसार की माता है, यह केवल पशु नहीं है। उन्होंने पंचगव्य को संसार का महानतम भोज्य पदार्थ बताया। आचार्य ने कहा कि महर्षि दयानंद ने ‘गौ करूणा निधि’ नामक ग्रंथ लिखा है। उन्होंने बाल गोपाल श्रीकृष्ण के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि बचपन में कृष्ण ने अनेक दुर्मति वाले राक्षसों का वध किया था।

राष्ट्र को बताया सर्वोपरि

आचार्य कुलदीप जी ने कहा कि कृष्ण आर्यावर्त को एक देख रहे थे और उनके विचारों में राष्ट्र सर्वोपरि था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सुरक्षित है तो देश सुरक्षित है। उन्होंने उस समय की राजनीतिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति का केंद्र हस्तिनापुर था। रासलीला के संबंध में आचार्य ने कहा कि इसके भीतर कई महत्वपूर्ण अर्थ समाहित हैं। उन्होंने कहा कि रासलीला मूल महाभारत का हिस्सा नहीं है, बल्कि बाद के लोगों ने इसे इसमें जोड़ा है। उनके अनुसार यह एक प्रतीक है।

शांति पाठ के साथ कार्यक्रम समाप्त

कार्यक्रम के दौरान आर्यसमाज रांची के प्रधान राजेन्द्र आर्य, कोषाध्यक्ष संजय पोद्दार, सुनील गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अंत में शांति पाठ और प्रसाद वितरण किया गया। इसके साथ ही शाम सात बजे कार्यक्रम का समापन हुआ।

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