रांची : झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाकर 250 करने के प्रस्ताव को नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही चालू शैक्षणिक सत्र से रिम्स में 250 विद्यार्थियों का नामांकन किया जाएगा। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग लंबे समय से रिम्स समेत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयासरत था। विभाग ने केंद्र सरकार और एनएमसी को आवश्यक प्रस्ताव, अनुपालन रिपोर्ट तथा अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे।
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इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की हुई समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, छात्रावास, क्लासरूम, प्रयोगशालाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की गई थी। इसी प्रक्रिया के तहत पहले चरण में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 की गई। दूसरे चरण में रिम्स, रांची की सीटें 180 से बढ़ाकर 250 कर दी गई हैं। विभाग ने बताया कि भविष्य में राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी के प्रयास जारी रहेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया नई शुरुआत
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह झारखंड के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रही है और उसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। रिम्स सहित पूरे स्वास्थ्य तंत्र की कमियों को दूर करने की दिशा में तेजी से काम हुआ है और व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में रिम्स नए स्वरूप में देश के सामने अपनी पहचान बनाएगा।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना, फैकल्टी, आधुनिक उपकरण, प्रयोगशालाओं, छात्रावास और अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक मजबूत होंगी।
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रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डी. के. सिन्हा ने कहा कि एनएमसी की मंजूरी संस्थान और पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के मार्गदर्शन एवं समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रिम्स प्रशासन एनएमसी के सभी मानकों का पालन करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज और रिम्स में सीटों की संख्या बढ़ने से झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही भविष्य में राज्य को अधिक प्रशिक्षित चिकित्सक मिलेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बन सकेंगी।





