मंईयां सम्मान पर नीरा यादव का सवाल, वृद्ध-विधवा पेंशन कब मिलेगी?

पूर्व मंत्री डॉ. नीरा यादव ने मंईयां सम्मान योजना के साथ वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशन लाभुकों को समय पर राशि देने की मांग की।

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जमशेदपुर:  झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना को लेकर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीरा यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को जमशेदपुर दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देना सरकार की अच्छी पहल है, लेकिन इसके साथ वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लाभुकों की समस्याओं पर भी सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। डॉ. नीरा यादव ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना को लेकर सरकार काफी सक्रिय है, लेकिन दूसरी ओर बड़ी संख्या में वृद्ध, विधवा और दिव्यांग लाभुक समय पर पेंशन की राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है और जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सरकारी पेंशन पर निर्भर हैं, उन्हें समय पर राशि नहीं मिलना चिंता का विषय है।

जरूरतमंदों की पेंशन को लेकर उठाए सवाल

पूर्व मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनके पास लगातार ऐसे लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। कई लाभुक उनसे पूछते हैं कि उनकी वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन की राशि आखिर कब उनके खातों में आएगी। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में प्राथमिकता तय करनी चाहिए और सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान और आर्थिक मजबूती देना जरूरी है, लेकिन समाज के वृद्ध, विधवा और दिव्यांग वर्ग की अनदेखी नहीं की जा सकती। जिन लोगों के लिए कमाई करना मुश्किल है, उनके लिए पेंशन केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। राशि मिलने में देरी से ऐसे लाभुकों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं।

बालू, खनन और शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा

डॉ. नीरा यादव ने राज्य में बालू और खनन से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों के साथ सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर भी गंभीरता से काम करना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और दिन-रात मेहनत करते हैं। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर आने जैसी घटनाओं से मेहनती विद्यार्थियों का मनोबल टूटता है और व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा कमजोर होता है। सरकार को परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

समय पर पेंशन और पारदर्शी परीक्षा की मांग

डॉ. नीरा यादव ने राज्य सरकार से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि समय पर लाभुकों के खातों में पहुंचाने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ सबसे जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे।

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