चाईबासा/रांची : पश्चिमी सिंहभूम जिला मानकी-मुंडा संघ और कोल्हान-पीड़हाट केंद्रीय समिति, सिंहभूम के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को रांची में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से मुलाकात की। जगन्नाथपुर के विधायक सह सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कोल्हान की पारंपरिक मानकी-मुंडा व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं के निष्पादन को लेकर मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
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पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत करने और अधिकारों की रक्षा की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष बात रखते हुए कहा कि कोल्हान क्षेत्र में मानकी-मुंडा व्यवस्था सदियों से ग्रामीण प्रशासनिक और सामाजिक संरचना का मुख्य आधार रही है। गांवों में आपसी समरसता बनाए रखने, स्थानीय विवादों का निपटारा करने तथा ग्रामीणों एवं प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करने में मानकी, मुंडा और अन्य पारंपरिक प्रतिनिधियों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। संघ ने मांग की कि इस व्यवस्था से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा उन्हें प्रशासनिक एवं व्यावहारिक स्तर पर आवश्यक सरकारी सहयोग प्रदान किया जाए।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आश्वासन
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मानकी-मुंडा संघ की मांगों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि ज्ञापन में उल्लिखित सभी विषयों को संबंधित विभागों के समक्ष रखा जाएगा और विभागीय स्तर पर नियमानुसार त्वरित व सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में ये प्रमुख प्रतिनिधि रहे मौजूद
विधायक सोनाराम सिंकु ने भी सरकार से संघ की न्यायसंगत मांगों पर जल्द पहल करने का आग्रह किया। इस प्रतिनिधिमंडल में पश्चिमी सिंहभूम जिला मानकी-मुंडा संघ के अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, मुंडा सोमनाथ सिंकु, विकास महापात्र और काली चरण बिरुवा समेत कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। मंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद संघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि उनकी मांगों पर जल्द विभागीय कार्रवाई शुरू होगी।








