नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को पीएम मोदी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। एक ओर राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे समेत विपक्षी दल सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर संसद परिसर में मोदी और शरद पवार की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति से लेकर INDIA गठबंधन तक नए सियासी कयास लगाए जाने लगे।
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तस्वीरों में पीएम मोदी शरद पवार का स्वागत करते और दोनों नेताओं को मुस्कुराते हुए बातचीत करते देखा गया। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ दिनों से शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने या अजित पवार गुट के साथ फिर से एकजुट होने की अटकलें लगातार चर्चा में हैं।
मुलाकात के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चाएं
संसद परिसर में हुई इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अब तक किसी भी पक्ष की ओर से इस मुलाकात को किसी राजनीतिक समझौते या गठबंधन से जोड़कर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। बावजूद इसके, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
NDA में शामिल होने की अटकलें
सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी (एसपी) के भीतर भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा जारी है। एक संभावित फॉर्मूले के तहत पहले शरद पवार और अजित पवार गुट के एक होने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद एनडीए में शामिल होने या समर्थन देने जैसे विकल्पों पर फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों का दावा है कि अगले 8 से 15 दिनों में इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पार्टी के कुछ विधायक और सांसद सत्ता का हिस्सा बनने को संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं के मनोबल के लिए बेहतर मान रहे हैं।
परिसीमन विधेयक से भी जोड़कर देखी जा रही चर्चा
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि केंद्र सरकार मौजूदा मानसून सत्र में परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक आगे बढ़ा सकती है। ऐसे में विशेष बहुमत की आवश्यकता होने की स्थिति में शरद पवार गुट का समर्थन अहम माना जा रहा है। शरद पवार गुट के पास लोकसभा में 8 और राज्यसभा में 1 सांसद हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय या घोषणा नहीं की गई है।




