बिहार पुलिस के 18 कर्मियों को पदक, DIG राकेश सिन्हा भी सूची में शामिल

पटना : स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशभर के पुलिस अधिकारियों और जवानों को दिए जाने वाले वीरता और सेवा पदकों की घोषणा कर दी है। इस बार बिहार पुलिस के 18 अधिकारियों एवं जवानों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और

बिहार पुलिस

पटना : स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशभर के पुलिस अधिकारियों और जवानों को दिए जाने वाले वीरता और सेवा पदकों की घोषणा कर दी है। इस बार बिहार पुलिस के 18 अधिकारियों एवं जवानों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और अदम्य साहस के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुलिस पदक हेतु चुना गया है। इनमें पटना के बेऊर थाने में पदस्थापित इंस्पेक्टर मोहम्मद अफसर हुसैन को वीरता के लिए गैलेंट्री मेडल (Gallantry Medal) प्रदान किया गया है। वहीं, राज्य के दो वरिष्ठ अधिकारियों – आईजी संजय कुमार और एसपी वीणा कुमारी को विशिष्ट सेवा के लिए सर्वोच्च राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Medal for Distinguished Service) से सम्मानित करने का फैसला किया गया है।

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15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को सराहनीय सेवा पदक

विशिष्ट और वीरता सम्मान के अलावा बिहार पुलिस के 15 अधिकारियों और कर्मचारियों को सराहनीय सेवा के लिए सराहनीय सेवा पदक (Medal for Meritorious Service) देने की घोषणा की गई है। इस सूची में विजिलेंस में तैनात डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा और एसपी इम्तियाज अहमद के अलावा कई अन्य पुलिस अधिकारी, दरोगा, एएसआई, हवलदार और सिपाही शामिल हैं।

DIG राकेश कुमार सिन्हा का शानदार सफर

सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित होने वाले डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा ने वर्ष 1999 में डीएसपी के रूप में अपने पुलिस करियर की शुरुआत की थी। 2001 में उनकी पहली पोस्टिंग अविभाजित झारखंड के दुमका में हुई थी। कैडर बंटवारे के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला, जिसके बाद उन्होंने रोहतास, शेखपुरा, जहानाबाद और नालंदा जैसे प्रमुख जिलों में सेवाएं दीं। उन्होंने एसटीएफ, एटीएस और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो जैसी महत्वपूर्ण एजेंसियों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2012 में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रोन्नति मिली। वर्तमान में वह निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में डीआईजी के पद पर कार्यरत हैं और पंजाब व गुजरात विधानसभा चुनावों के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक भी रह चुके हैं। करियर में अब तक 32 प्रशस्ति पत्र हासिल कर चुके डीआईजी सिन्हा के खाते में अब यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पदक भी जुड़ गया है।

क्या होते हैं गैलेंट्री अवॉर्ड्स?

वीरता पुरस्कार (Gallantry Awards) भारत सरकार द्वारा सशस्त्र बलों, पुलिसकर्मियों, नागरिक सुरक्षा कर्मियों और आम नागरिकों को उनके असाधारण साहस, वीरता और आत्मबलिदान के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान हैं। ये मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटे जाते हैं :

  • युद्धकालीन वीरता पुरस्कार : देश के दुश्मनों के खिलाफ युद्ध की स्थिति में सीमा या युद्ध क्षेत्र में दिखाए गए असाधारण साहस के लिए दिए जाते हैं।

  • शांतिकालीन वीरता पुरस्कार : गैर-युद्ध स्थितियों जैसे आतंकवाद-विरोधी अभियानों, उग्रवाद से निपटने, आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने या राहत-बचाव कार्यों के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस के लिए प्रदान किए जाते हैं।

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