रांची : धुर्वा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आज यानी शुक्रवार को मातृ पूजन कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम के जरिए बच्चों को मां से प्यार करने, उनका मान-सम्मान करने और उनके प्रति श्रद्धा रखने का संदेश दिया गया। साथ ही बच्चों को समझाया गया कि जीवन में परिवार और अच्छे संस्कारों का कितना महत्व है।
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कार्यक्रम का मुख्य मकसद आज के जमाने में भौतिकवादी शिक्षा के चलते बच्चों में कम होते पारिवारिक और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता लाना था। बच्चों को बताया गया कि मां उनके लिए कितना कुछ करती हैं, इसलिए उनकी कद्र करना और उनका सम्मान करना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि रांची नगर निगम की महापौर रोशनी खलखो, विशिष्ट अतिथि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. देवांजलि बनर्जी और दूसरे अतिथियों ने दीप जलाकर और पुष्प अर्पित कर की।
अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
विद्यालय के प्राथमिक खंड की प्रभारी मनीषा श्रीवास्तव ने मंच पर मौजूद अतिथियों का परिचय कराया और उनका स्वागत किया। इस मौके पर शिशु विकास मंदिर समिति (झारखंड), धुर्वा के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव गोस्वामी ने मुख्य अतिथि रोशनी खलखो को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। वहीं, समिति के मंत्री एस. वेंकट रमण ने विशिष्ट अतिथि डॉ. देवांजलि बनर्जी को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट किया।
मां से बच्चे सीखते हैं जीवन के जरूरी सबक : रोशनी खलखो
मुख्य अतिथि रोशनी खलखो ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मां के स्नेह में रहकर बच्चे जीवन के जरूरी सबक सीखते हैं। मां ही बच्चों को मुश्किलों से लड़ने की ताकत देती हैं और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चे कार्टून और वीडियो गेम में ज्यादा समय बिताते हैं। ऐसे में विद्यालय बच्चों के भीतर अच्छे संस्कार विकसित करने का काम कर रहा है, जो सराहनीय है। महापौर ने कहा कि जीवन में अच्छे अंक लाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ नैतिक मूल्य और संस्कार भी होने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यालय के भैया-बहन आगे चलकर समाज के निर्माण और भारत को विश्वगुरु बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मां के साथ अपनी सेहत का भी रखें ध्यान : डॉ. देवांजलि
विशिष्ट अतिथि डॉ. देवांजलि बनर्जी ने कहा कि इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें संस्कारों से जुड़ी शिक्षा मिल रही है। उन्होंने मां को परिवार का केंद्र बताते हुए कहा कि जीवन में मां की जरूरत हमेशा बनी रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि मां को बच्चों की देखभाल के साथ-साथ अपनी सेहत और खुद की देखभाल पर भी ध्यान देना चाहिए।
आराध्या और पद्मनाभ ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन कक्षा पांचवीं की छात्रा आराध्या और छात्र पद्मनाभ ने किया। अंत में कल्याण मंत्र के साथ मातृ पूजन कार्यक्रम का समापन हुआ। इस मौके पर शिशु विकास मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव गोस्वामी, मंत्री एस. वेंकट रमण, सह मंत्री नर्मदेश्वर मिश्र, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार, सदस्य अखिलेश्वर नाथ मिश्र, आशीष नाथ शाहदेव, डॉ. धनेश्वर महतो, अनिल कुमार झा, अमित कुमार नंदन और योगेश्वर दुबे मौजूद रहे।
इसके अलावा विद्यालय के प्राचार्य ललन कुमार, उप प्राचार्या मीणा कुमारी, प्राथमिक खंड की प्रभारी मनीषा श्रीवास्तव, वाटिका की प्रभारी मोनी कुमारी और विद्यालय के सभी आचार्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।




