रांची : राजधानी रांची में आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान बड़े पैमाने पर अघोषित लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। विभाग की अनुसंधान शाखा (Investigation Wing) पनास ग्रुप और दयानंद ग्रुप के ठिकानों पर लगातार सर्वे कर रही है। सूत्रों के अनुसार अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित संपत्ति और नकद लेन-देन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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आयकर विभाग की यह कार्रवाई दूसरे दिन यानी गुरुवार को भी जारी हैं। विभाग ने बुधवार दोपहर से दोनों बिल्डर समूहों के कार्यालयों और अन्य परिसरों में सर्वे शुरू किया था। अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की लगातार जांच कर रही है।
फ्लैट बिक्री से जुड़े कच्चे रिकॉर्ड मिले
सूत्रों के अनुसार, सर्वे के दौरान अधिकारियों ने बिल्डर समूहों की कारोबारी गतिविधियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान फ्लैट बिक्री के दौरान कथित तौर पर कच्चे कागजों पर नकद राशि लेने से जुड़े कई रिकॉर्ड और पर्चियां मिली हैं। प्रारंभिक जांच में इन दस्तावेजों में 20 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का उल्लेख पाया गया है। आयकर विभाग की विशेष टीम इन रिकॉर्ड का वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद तस्वीर होगी साफ
आयकर विभाग फिलहाल जब्त किए गए दस्तावेजों, खातों और अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत जांच में जुटा है। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद अघोषित आय और संपत्तियों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आ सकते हैं। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से अब तक इस सर्वे को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कर चोरी और अघोषित संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




