रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितता और धांधली के मामले में जेल में बंद आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। रांची के अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उनकी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। सिविल कोर्ट के अधिवक्ता संजय कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज यानी शनिवार को सुनाया गया।
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बचाव पक्ष ने दी साक्ष्य न होने की दलील
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एल खियांग्ते की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार और अधिवक्ता चंदना कुमारी ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि खियांग्ते के खिलाफ कोई भी ठोस या प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं है। जांच एजेंसी द्वारा की गई छापेमारी में भी उनके आवास या परिसरों से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ मिलना चाहिए।
CID का गंभीर आरोप: 2 करोड़ रुपये कमीशन लेने का दावा
वहीं, मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध करते हुए इसे बेहद गंभीर अपराध बताया। सीआईडी के अनुसार, परीक्षा आयोजित करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘टीडीडीपीएल’ (TDPL) को काम सौंपने में एल खियांग्ते की मुख्य भूमिका रही थी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि TDPL द्वारा आयोजित की जा रही परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही थी और खियांग्ते को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। CID ने यह भी आरोप लगाया कि एल खियांग्ते ने TDPL एजेंसी से कथित रूप से करीब 2 करोड़ रुपये का कमीशन प्राप्त किया था। सीआईडी ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अभी अत्यंत संवेदनशील चरण में है, इसलिए जमानत मिलने पर आरोपी जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
कांड संख्या 16/2026 में अब तक 24 से अधिक गिरफ्तारियां
मालूम हो कि JPSC परीक्षा में हुई धांधली को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। इसी मामले में गहन जांच के बाद CID ने एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया था और रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी। इसके बाद से ही वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। इस घोटाले में अब तक 24 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें JPSC की पूर्व अधिकारी श्वेता गुप्ता और अभय तिवारी समेत कई अन्य रसूखदार आरोपी शामिल हैं।



