अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों के आरोपियों, वारंटियों और फरार अभियुक्तों के खिलाफ झारखंड पुलिस विशेष अभियान चलाएगी. अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और रेल जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किया है.
CID की ओर से जारी पत्र के अनुसार 23 जुलाई 2026 की रात 12 बजे से 24 जुलाई 2026 की रात 12 बजे तक राज्यभर में समकालीन अभियान निर्धारित किया गया है. इस अभियान के दौरान एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर विशेष जोर दिया जाएगा.
अभियान के तहत आरोपियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. श्रेणी-1 में वैसे आरोपी शामिल हैं, जो संबंधित मामलों में वांछित हैं. श्रेणी-2 में वे आरोपी हैं, जो श्रेणी-1 में शामिल नहीं हैं, लेकिन जिनके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी किया जा चुका है. वहीं श्रेणी-3 में वे आरोपी शामिल हैं, जिनके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है, लेकिन वे अभी भी फरार हैं या जिनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी है.
CID ने सभी जिलों को अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. जिलों से प्राप्त आंकड़े 26 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे तक CID को ई-मेल और हार्ड कॉपी के माध्यम से भेजने को कहा गया है.



