रांची/ नई दिल्ली : झारखंड सरकार ने पुलिस बहाली से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। दरअसल झारखंड हाई कोर्ट ने पिछले दिनों अपने एक आदेश में राज्य के होमगार्ड (गृह रक्षा वाहिनी) जवानों को पुलिस बल में सीधे समायोजित करने का निर्देश दिया था। सरकार इसी आदेश को रद्द कराने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
झारखंड सरकार की ओर से याचिका में तर्क दिया गया है कि पुलिस बल में सीधी नियुक्ति के लिए तय प्रक्रिया, न्यूनतम योग्यता और शारीरिक दक्षता परीक्षा अनिवार्य होती है। बिना नियम आधारित चयन प्रक्रिया के होमगार्ड जवानों का पुलिस सेवा में सीधा समायोजन संभव नहीं है और ऐसा करने से पुलिस बहाली के नियमों और राज्य के प्रशासनिक ढांचे पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर इस कदम से राज्य के हजारों होमगार्ड जवानों की उम्मीदों को झटका लगा है जो लंबे समय से हाई कोर्ट के फैसले के आधार पर पुलिस सेवा में स्थाई समायोजन की आस लगाए बैठे थे। फिलहाल राज्य सरकार की याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है लेकिन अब इस पूरे विवाद का रुख सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई और उसके अंतिम निर्णय पर टिका है।



