झारखंड चैंबर ने की भवन नियमितीकरण योजना की अवधि बढ़ाने की मांग

फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) की वर्तमान सत्र की 11वीं कार्यकारिणी समिति की बैठक चैंबर भवन में अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में भवन नियमितीकरण योजना की आवेदन अवधि बढ़ाने, उद्योगों को बढ़ावा देने, बुनियादी सुविधाओं में सुधार


फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) की वर्तमान सत्र की 11वीं कार्यकारिणी समिति की बैठक चैंबर भवन में अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में भवन नियमितीकरण योजना की आवेदन अवधि बढ़ाने, उद्योगों को बढ़ावा देने, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई.

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने भवन नियमितीकरण योजना की अवधि अब तक नहीं बढ़ाए जाने पर चिंता जताते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग से आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें. उन्होंने हाल ही में एमिटी यूनिवर्सिटी और झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन के साथ हुए एमओयू को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होंगे और कौशल विकास व उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा.

बैठक में कोयलांचल प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा ने गिरिडीह के माइका उद्योगों के बंद होने पर चिंता जताई. वहीं साउथ छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार ने गुमला में बॉक्साइट आधारित उद्योग स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा. उन्होंने गुमला में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की.

संथाल परगना प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने हर वर्ष हो रही 10 प्रतिशत होल्डिंग टैक्स वृद्धि की समीक्षा की आवश्यकता बताई. चैंबर अध्यक्ष ने सभी मुद्दों को संबंधित विभागों के समक्ष उठाकर समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया.

बैठक में सेवा सदन रोड पर जलजमाव की समस्या पर भी चर्चा हुई. सदस्यों ने कहा कि थोड़ी सी बारिश में पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है और नगर निगम की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है. उन्होंने इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की.

कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनऑडिटेड खातों को कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसे समिति ने स्वीकृति देते हुए ऑडिट कराने की सहमति दी. महासचिव रोहित अग्रवाल ने बताया कि यात्री रेल सुविधाओं से जुड़े सुझावों को 31 जुलाई को होने वाली डीआरयूसीसी बैठक में रखा जाएगा. उन्होंने जियाडा रेगुलेशन-2026 के प्रारूप पर भी सदस्यों से सुझाव मांगे.

उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया और राम बांगड़ ने बताया कि इस सत्र में चैंबर की विभिन्न उपसमितियों की अब तक 209 बैठकें हो चुकी हैं, जो एक रिकॉर्ड है. उन्होंने कहा कि बिजनेस एक्सचेंज पहल से सदस्यों के बीच व्यापार बढ़ा है. साथ ही 3 अगस्त को बीआईटी मेसरा के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 11 अगस्त को डिजिटल मार्केटिंग पर कार्यशालाएं आयोजित करने की जानकारी दी.

बैठक में 36 नए आजीवन सदस्यों को चैंबर की सदस्यता प्रदान की गई तथा चैंबर पत्रिका का विमोचन भी किया गया. व्यवसायियों ने सरकारी कार्यों में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था और ऑनलाइन सिटिजन ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की मांग की.

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *