रांची: झारखंड हाइकोर्ट ने रांची जिले में सीसीटीवी के फंक्शनल रहने को जरूरी बताया है। कोर्ट ने कहा है कि रांची शहर के सड़कों और मुख्य चौक चौराहों पर सीसीटीवी फंक्शनल रहना जरूरी है। अदालत ने क्राइम कंट्रोल के लिए रांची के सभी सीसीटीवी को दुरुस्त करने और 32 पुलिस थानों में, जहां सीसीटीवी इंस्टॉल नहीं है, उनमें सीसीटीवी इंस्टॉल करने का निर्देश दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि सरकार के शपथ पत्र के तहत रांची शहर के 8 पुलिस थाने और ग्रामीण क्षेत्रों के 24 पुलिस थानों में अबतक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। कोर्ट ने गृह सचिव, रांची एसएसपी और डीजीपी को टाइम फ्रेम देकर बताने को कहा है कि कि रांची के जिन पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, वहां कब तक लग जाएगा।
कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि राज्य में सीसीटीवी लगाने को लेकर जो टेंडर जारी किया गया है उसकी क्या स्थिति है। कोर्ट ने NHAI से भी हाईवे में सीसीटीवी इंस्टॉल के संबंध में जानकारी मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि सीसीटीवी कैमरे के इंस्टॉल नहीं रहने से रांची में चेन छिनतई की घटना ज्यादा हो रही है। अदालत ने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटना के दौरान भी वाहन चालक बचकर निकल जा रहे हैं।
मामले में आज सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया गया। सरकार के शपथ पत्र में बताया गया है कि रांची शहर के जिन 8 पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरा नहीं है, उनमें हिंदीपीढ़ी, पंडरा ओपी, बरियातू, धुर्वा, एयरपोर्ट, विधानसभा एएचटीयू और साइबर पुलिस स्टेशन शामिल हैं।
शपथ पत्र में सरकार ने बताया कि वर्तमान में रांची शहर के 17 पुलिस स्टेशन और ओपी में 123 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सूरज किशोर प्रसाद एवं अधिवक्ता आयुषी अमन ने पक्ष रखा।
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