नई दिल्ली : स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ की तैयारियों के बीच गृह मंत्रालय (MHA) ने देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सरकार ने इस बार स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों को केवल औपचारिक समारोह तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विविधता से जोड़ने का फैसला किया है. गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक सभी ध्वजारोहण कार्यक्रम सुबह 9 बजे के बाद ही आयोजित किए जाएंगे.
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ध्वजारोहण से लेकर राष्ट्रगान तक का तय क्रम
स्थानीय और राज्य स्तर पर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों का प्रस्तावित क्रम इस प्रकार तय किया गया है :
ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रगीत (वंदे मातरम)
राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा
राष्ट्रगान (जन गण मन)
मुख्य अतिथि का संबोधन
भाषण के समापन के बाद पुनः राष्ट्रगीत
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान
राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री, जिला स्तर पर मंत्री या प्रशासनिक अधिकारी और पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि ध्वजारोहण करेंगे.
‘एट होम’ समारोह में आम लोगों को मिलेगी खास जगह
राज्यपाल और उपराज्यपाल निवास पर आयोजित होने वाले ‘एट होम’ (At Home) कार्यक्रमों में इस बार समाज के जमीनी नायकों को खास तरजीह दी जाएगी. इसमें दिव्यांगजन, स्वच्छाग्रही, पर्यावरणविद, खिलाड़ी, शहीदों के परिजन, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, महिला सरपंच और बहादुरी पुरस्कार प्राप्त बच्चों को आमंत्रित किया जाएगा. इन विशेष मेहमानों के लिए 25 से 50 सीटें आरक्षित रखने और हर साल नई सूची तैयार करने का सुझाव दिया गया है.
343 स्थानों पर होंगे स्कूली बैंड प्रदर्शन
देशभक्ति के माहौल को बढ़ावा देने के लिए देशभर में करीब 343 प्रमुख स्थानों पर स्कूली बैंड प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई गई है. बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूली बैंड्स को राजभवनों के ‘एट होम’ समारोह में प्रस्तुति देने का मौका मिलेगा. इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष स्वच्छता अभियान और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं.
लाल किले पर होगा मुख्य समारोह
देश का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित होगा. जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाएगा. इसके बाद 21 तोपों की सलामी, वायुसेना द्वारा पुष्प वर्षा और प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन होगा.




