PMCH में जूनियर डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, ये सेवाएं रहेंगी प्रभावित

राजधानी पटना स्थित पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों ने 7 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
डॉक्टरों

पटना : राजधानी पटना स्थित पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों ने 7 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद हड़ताल का निर्णय लिया गया। इसका असर अस्पताल की सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई देने लगा है।

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जेडीए के अनुसार, हड़ताल के कारण ओपीडी, सामान्य वार्ड और सामान्य ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं प्रभावित रहेंगी। हालांकि गंभीर मरीजों के इलाज को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी, आईसीयू, लेबर रूम, इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह संचालित होती रहेंगी।

सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर डॉक्टरों की मांग

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उनका आरोप है कि कई जरूरी दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कमी बनी हुई है। इसके साथ ही अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं का अभाव भी डॉक्टरों और मरीजों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

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डॉक्टरों ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड और सीनियर रेजिडेंट के संशोधित वेतन का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है। उनका कहना है कि जनवरी 2026 से लागू होने वाला संशोधित वेतन और स्टाइपेंड अब तक जारी नहीं किया गया, जिससे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ी है।

सरकार और प्रशासन से रखीं प्रमुख मांगें

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सरकार और अस्पताल प्रशासन से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने, अस्पताल में आवश्यक दवाएं और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने, डॉक्टरों पर हमले के मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई करने तथा लंबित स्टाइपेंड और वेतन का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है।

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हड़ताल के चलते सबसे अधिक असर रोजाना इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ने की संभावना है, खासकर ओपीडी और सामान्य वार्ड की सेवाओं में। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सभी आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।

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