पलामू : जिले में चतुर्थ वर्ग (Class IV) की बहाली में पारदर्शी चयन प्रक्रिया और लिखित परीक्षा की मांग को लेकर चला आ रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को एक बड़े मोड़ पर पहुंचा। पलामू सदर SDM संजय पांडेय ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला से अनशन स्थल पर मुलाकात की। अधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद सदर SDM ने सत्यनारायण शुक्ला को जूस पिलाकर उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करवाई।
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सकारात्मक बातचीत के बाद SDM को सौंपा गया मांग पत्र
भूख हड़ताल खत्म करने के बाद छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ भर्ती प्रक्रिया को लेकर बेहद सकारात्मक चर्चा हुई है और उनकी प्रशासनिक मांगों पर संज्ञान लिया गया है। छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सदर SDM को अपनी मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन (Demand Letter) भी सौंपा।
2010 के विज्ञापन से जुड़ा है विवाद, 251 कर्मी हुए थे बर्खास्त
पलामू में फोर्थ ग्रेड बहाली का यह मामला काफी पुराना और विवादित रहा है। वर्ष 2010 में इस भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था, जिसके आधार पर 2017-18 में अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति की गई थी। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर मामला न्यायालय पहुंचा। इसके बाद 2025 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के ऐतिहासिक फैसले के आधार पर पलामू में नियुक्त किए गए 251 फोर्थ ग्रेड कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
मैट्रिक मार्क्स की जगह अब लिखित परीक्षा कराने की मांग
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और झारखंड कैबिनेट द्वारा भर्ती नियमों का हवाला दिए जाने के बाद पुरानी चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। मूल विज्ञापन में मैट्रिक (10वीं) के प्राप्तांकों के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाने का प्रावधान था। लेकिन वर्तमान में झारखंड में चतुर्थ वर्ग भर्ती के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अब आंदोलनकारी अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि नए सिरे से शुरू होने वाली इस बहाली में पारदर्शी तरीके से लिखित परीक्षा (Written Exam) आयोजित की जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों का ही चयन हो सके।




