रांची। आजसू पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में हुई गड़बड़ी की लीपापोती करने का प्रयास बंद करे, प्रारंभिक परीक्षा रद्द करे और पूरे प्रकरण की सीबीआई से निष्पक्ष जांच करवाई जाए। आज केंद्रीय कार्यालय, हरमू, रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व विधायक डॉ. लम्बोदर महतो तथा मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि जेपीएससी द्वारा आयोजित की जा रही प्रतियोगी परीक्षाओं में घपला करने के लिए ही ब्लैकलिस्टेड कंपनी की सेवाएं ली जा रही थीं। इस प्रकरण में राज्य की छवि पर एक और दाग लग गया है।
डॉ. लम्बोदर महतो ने कहा कि जिस निजी एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के संबंध में कई राज्यों में कार्रवाई और प्रतिबंध की बातें सामने आती रही हैं, उसी एजेंसी से परीक्षा कराना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन में निजी एजेंसी की भूमिका, आयोग के अध्यक्ष का इस्तीफा तथा जेपीएससी कार्यालय में सीआईडी की छापेमारी पूरे प्रकरण को और अधिक संदेहास्पद बनाती है। उन्होंने कहा कि यह बात चर्चा में है कि 50 सामान्य सीटों के लिए जिन 1100 अभ्यार्थियों को चुना गया है उनमें से 400 सिर्फ हरियाणा–यूपी के हैं। ऐसा कैसे हुआ है? उन्होंने कहा कि परीक्षा से संबंधित ओएमआर शीट सहित कई मुद्दों पर अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि सरकार, आयोग और परीक्षा एजेंसी की भूमिका पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं, जिनका जवाब झारखंड के युवाओं को मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि झारखंडी युवाओं के हितों की बात करने वाली सरकार के कार्यकाल में परीक्षा परिणाम को लेकर इतनी व्यापक शंकाएं क्यों उत्पन्न हुईं।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी कार्यालय के समक्ष अभ्यर्थियों का लगातार धरना-प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि युवाओं का आयोग से विश्वास उठता जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा आजसू द्वारा किए गए आंदोलन के बाद पूरे प्रकरण ने नया मोड़ लिया है और अब राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए।
आजसू नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अधीन कार्यरत एजेंसी द्वारा की जा रही जांच से निष्पक्षता को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सीबीआई तथा वित्तीय अनियमितताओं के पहलुओं की जांच सक्षम केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए, ताकि सत्य सामने आए और यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
आजसू पार्टी ने मांग की कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा तत्काल रद्द की जाए, पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से सीबीआई जांच कराई जाए तथा झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाए। पार्टी ने कहा कि यदि सरकार इस मामले में शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो आजसू पार्टी युवाओं के न्याय के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन को और तेज करेगी। प्रेस वार्ता में युवा आजसू महानगर अध्यक्ष अमित यादव, खूंटी जिला अध्यक्ष जयकांत कश्यप एवं युवा आजसू के नेता प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।



