रांची/ खेलारी। विस्थापित मोर्चा की केडीएच शाखा की बैठक शनिवार को बड़कीटॉड जतरा स्थल पर शाखा अध्यक्ष दामोदर गंझू की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बड़कीटॉड निवासी दिवंगत सुखदेव गंझू के आश्रित परिवार को दुर्घटना के नौ माह बाद भी पूरा मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि लंबित मुआवजा का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो 6 जुलाई से मधुकॉन कंपनी का कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा।
अधूरा रहा वादा, ग्रामीणों में भारी नाराजगी
बैठक को संबोधित करते हुए शाखा अध्यक्ष दामोदर गंझू एवं शाखा सचिव प्रभाकर गंझू ने कहा कि पिछले वर्ष नवंबर में केडीएच स्थित सायलो परियोजना में मधुकॉन कंपनी के कार्य के दौरान दुर्घटना में बड़कीटॉड निवासी दिवंगत सुखदेव गंझू की मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों के आंदोलन और कार्य बंदी के पश्चात हुई वार्ता में मृतक के आश्रित परिवार को मुआवजा, एक सदस्य को रोजगार तथा बच्चों की शिक्षा में सहयोग देने पर सहमति बनी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग नौ माह बीत जाने के बाद भी पूरा मुआवजा नहीं दिया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
कंपनी को ग्रामीणों ने दी अंतिम चेतावनी
मोर्चा के नेताओं ने बताया कि मधुकॉन कंपनी को 15 दिनों के भीतर लंबित मुआवजा भुगतान करने के लिए पूर्व में पत्र भेजा गया था। चेतावनी दी गई थी कि समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं होने पर कंपनी का कार्य बंद करा दिया जाएगा। इसके बावजूद कंपनी की ओर से न तो कोई वार्ता की गई और न ही लंबित भुगतान पर कोई ठोस पहल हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि मृतक के आश्रितों के साथ हुए समझौते को तत्काल लागू नहीं किया गया तो 6 जुलाई से मधुकॉन कंपनी का कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा। बैठक में जालिम सिंह, बलराम गंझू, जीतन गंझू, जयराम गंझू, गुड्डू गंझू, बालजीत गंझू, पन्नू गंझू, बालेश्वर गंझू, संजय गंझू, अनिकेत गंझू, मिलु गंझू, किसुन गंझू, प्रेम साहू, प्रमोद गंझू, विजय महतो, रवि गंझू, कांता देवी, मनीता देवी, शांति देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।




