रांची : JPSC और JSSC परीक्षा में कथित धांधली व अनियमितताओं को लेकर जारी भारी बवाल के बीच जांच एजेंसी ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है। JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य से जारी पूछताछ के बीच हुई इस गिरफ्तारी से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
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आवास पर छापेमारी के बाद कसता गया शिकंजा
जांच एजेंसी JPSC की परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों में एल. खियांग्ते की भूमिका की काफी समय से गहनता से पड़ताल कर रही थी। इससे पहले एजेंसी ने उनके सरकारी आवास समेत उनसे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी और तलाशी अभियानों के दौरान जांच टीम को परीक्षा में हुई कथित धांधली से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड्स और अहम जानकारियां हाथ लगी थीं, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी हुई है।
छात्रों के उग्र आंदोलन के बीच बढ़ा जांच का दायरा
रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार उग्र रूप ले रहा है। छात्र पूरी परीक्षा प्रक्रिया में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी को छात्रों की मांग और निष्पक्ष जांच की दिशा में एक बेहद अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि खियांग्ते से पूछताछ के बाद इस घोटाले में शामिल कई अन्य अधिकारियों और बिचौलियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बल तैनात, तनाव का माहौल
एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी और छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की है। घटना स्थल पर फिलहाल तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।




