रांची/नई दिल्ली : झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा का गुरुवार को दिल्ली में असामयिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही न्याय और कानून जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
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अधिवक्ता संघ ने व्यक्त किया गहरा दुख
जस्टिस हरीशचंद्र मिश्र के आकस्मिक निधन पर झारखंड उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती ऋतु कुमार एवं पूर्व कोषाध्यक्ष धीरज कुमार ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जस्टिस मिश्रा के निधन से न्याय एवं कानून जगत का एक मजबूत स्तम्भ ढह गया है। उन्होंने आगे कहा कि न्यायिक क्षेत्र में उनके योगदान और विद्वता की भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। उनका निधन न्यायिक बिरादरी के लिए अपूरणीय क्षति है।
न्यायिक जगत में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा ने अपने लंबे और निष्पक्ष न्यायिक करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाए। झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीश और बाद में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में उन्होंने न्यायिक प्रणाली को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके निधन पर झारखंड हाईकोर्ट के वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।





