रांची। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य डॉ आशा लकड़ा सोमवार को सर्कुलर रोड स्थित न्यू सर्किट हाउस में जामताड़ा, हजारीबाग और रांची जिले से संबंधित कुल 14 मामलों की सुनवाई करेंगी। इस दौरान खासकर रांची जिले के कांके प्रखंड स्थित नगड़ी में होने वाले रिम्स-2 के निर्माण को लेकर की गई शिकायत की भी सुनवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता की ओर से आयोग के समक्ष शिकायत की गई थी कि उपजाऊ भूमि पर राज्य सरकार की ओर से रिम्स-2 का निर्माण कराने की योजना तैयार की गई है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच कर ग्रामीणों के हितों की रक्षा करने और भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की थी।
इसके अलावा टाटीसिलवे में आदिवासी जमीन पर दखल दिलाने, रांची शहरी क्षेत्र में आदिवासी खतियान, बकाश्त, भुइहरी व मुंडारी भूमि को गैर आदिवासियों के नाम पर हस्तांतरण या बंदोबस्ती किए जाने, बेड़ो थाना क्षेत्र में सरना पूजा भूमि को दलालों, अंचल कार्यालय के कर्मचारियों व ग्रामीण रजिस्ट्रार की मिलीभगत से बिक्री किए जाने, नामकुम में अनुसूचित जनजाति लोहरा की खतियान भूमि की अवैध बिक्री किए जाने, ओरमांझी में पुश्तैनी खतियान जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किए जाने से संबंधित मामले की सुनवाई होगी।
इसके अलावा पलामू में अंगनबाड़ी केंद्र-3 का नाम हटाकर आंगनबाड़ी केंद्र-2 में जोड़ने, गढ़वा में आदिवासी खतियान जमीन पर गैर आदिवासियों का कब्जा, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग से सेवानिवृत्त लिपिक के बकाया, वेतन आदि का भुगतान नहीं किए जाने, जामताड़ा जिले में 1932 के खतियान में पुरातन पतित के रूप में दर्ज भूमि पर गैर कानूनी ढंग से कब्जा किए जाने, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य लंबित होने और विभिन्न जनजातीय गांवों में व्याप्त सामाजिक और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे ग्रामीणों की समस्या और हजारीबाग में विभिन्न खातों व प्लॉटों की भूमि कर्णपुरा माइनिंग सिंडिकेट, NCDC, CCL और आउटसोर्सिंग कंपनियों की ओर से अधिगृहित किए जाने के बाद भी रैयतों को मुआवजा व रोजगार नहीं दिए जाने से संबंधित मामलों की सुनवाई होगी।




