रांची : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है। राजद के झारखंड प्रदेश महासचिव मनोज कुमार पांडेय ने इसे आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं की बड़ी जीत बताया है। मनोज कुमार पांडेय ने जारी बयान में कहा कि 16 मई 2026 से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में शुरू हुआ छात्र आंदोलन धीरे-धीरे देशव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका था। उनके अनुसार, इस आंदोलन ने उन्हें जयप्रकाश आंदोलन की याद दिलाई।
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लोकतंत्र की जीत बताया
राजद नेता ने कहा कि जब सरकार अहंकारी और तानाशाही रवैया अपनाती है, तब देश के युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्र-छात्राओं के लगातार आंदोलन के दबाव के कारण ही धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि यह इस्तीफा छात्रों के संघर्ष और एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण बताते हुए कहा कि देश संविधान से चलता है और जनता की आवाज सर्वोपरि है।
छात्रों को दी बधाई
राजद प्रदेश महासचिव ने कहा कि छात्र हितों को लेकर चलाया गया यह आंदोलन देश की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। उन्होंने इसे स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान बताते हुए कहा कि जब देश का युवा जागरूक होता है, तब बड़े बदलाव संभव होते हैं। उन्होंने देशभर के छात्र-छात्राओं को इस आंदोलन के लिए बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उनकी आवाज आगे भी प्रभावी बनी रहनी चाहिए।




