भारतीय ज्ञान परंपरा और विज्ञान के बीच गहरा संबंध: प्रो सरोज शर्मा

रांची विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ, जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा, क्वांटम मैकेनिक्स और आधुनिक प्रौद्योगिकी पर चर्चा की गई।

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रांची:  रांची विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय भौतिकी विभाग और झारखंड सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुक्रवार को उद्घाटन हुआ। 21 और 22 अगस्त को आयोजित इस सम्मेलन का विषय ई. श्रोडिंगर द्वारा खोजे गए समीकरण से जुड़ा है। कार्यक्रम का उद्घाटन आरयू के आर्यभट्ट सभागार में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ। इसके बाद प्रो. सरोज शर्मा, प्रो. जीपी दास, डॉ. राज शेखर प्रसाद, डॉ. रंजीत कुमार सिंह, डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. कमल प्रसाद और डॉ. सुनील कुमार सिंह समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

विज्ञान, अभियंत्रण और प्रौद्योगिकी एक-दूसरे के पूरक

अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, अभियंत्रण और प्रौद्योगिकी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान सत्य की खोज, अभियंत्रण संरचनात्मक योजना और प्रौद्योगिकी उपकरण एवं तकनीक से संबंधित है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्यभट्ट और भास्कराचार्य ने ग्रहों की गति, पृथ्वी की परिधि और खगोलीय गणनाओं से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांत दिए। वहीं, शून्य और दशमलव प्रणाली ने वैश्विक गणित की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रो. शर्मा ने कहा कि प्राचीन भारत में विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी अलग-अलग क्षेत्र नहीं थे, बल्कि एक-दूसरे के पूरक थे। उन्होंने सम्मेलन में शामिल शोधार्थियों से इन विषयों पर अधिक जानकारी हासिल करने और प्राचीन भारत की उपलब्धियों को आधार बनाकर आधुनिक भारत में नए शोध एवं तकनीकी आयाम विकसित करने का आह्वान किया।

शोध, नवाचार और सम्मेलन के लिए अनुदान पर जोर

उद्घाटन समारोह में सम्मेलन के जनरल चेयर सह भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया। वहीं, सम्मेलन के कन्वेनर डॉ. राज कुमार सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा और सम्मेलन का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। झारखंड सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. राज शेखर प्रसाद और संयुक्त निदेशक प्रो. रंजीत कुमार सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री और प्रधान सचिव की ओर से राज्य के विश्वविद्यालयों में रिसर्च, नवाचार, सम्मेलन और सेमिनार के लिए उचित अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। डीन, विज्ञान डॉ. वंदना कुमारी ने भी समारोह को संबोधित किया।

क्वांटम कंप्यूटिंग पर पुस्तक का लोकार्पण

उद्घाटन समारोह के दौरान रांची विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एनआर रॉय और बीआईटी मेसरा के डॉ. कुंतल मुखर्जी द्वारा रचित पुस्तक “इंट्रोडक्शन टू क्वांटम कंप्यूटिंग” का अतिथियों ने लोकार्पण किया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि एमेरिटस प्रोफेसर, राइज, कोलकाता और कीनोट स्पीकर प्रो. जीपी दास ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी में क्वांटम मैकेनिक्स और मैटेरियल साइंस के मेल से अभूतपूर्व बदलाव आया है। उन्होंने इसे ‘क्वांटम लीप’ बताते हुए कहा कि इसकी मदद से स्मार्ट, अल्ट्रा-फास्ट और सस्टेनेबल मैटेरियल्स विकसित किए जा रहे हैं, जो तकनीकी दुनिया की दिशा बदल रहे हैं। उन्होंने क्वांटम मैटेरियल्स क्रांति पर विस्तार से चर्चा करते हुए सुपरकंडक्टर्स, ऊर्जा, क्वांटम कंप्यूटिंग और नैनोटेक्नोलॉजी की भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।

45 प्रतिनिधियों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र

सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में डॉ. कमल प्रसाद, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, टीएमबीयू भागलपुर ने आमंत्रित व्याख्यान दिया। इसके अलावा सायंतन सील, बीबीएमकेयू धनबाद, रोहित कुमार महतो, बीआईटी मेसरा, सुधांशु शेखर, एसएन कॉलेज बिहार, मृत्युंजय कुमार, छत्तीसगढ़, डॉ. रितेश कुमार केसरी, नागपुर, वायलिना दास, असम, ब्रजेश कुमार साहू, मध्य प्रदेश, मनीषा कुमारी, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय बिहार, काली कृष्णा गिरी, पश्चिम बंगाल और कुशल कुमार त्रिपाठी, छत्तीसगढ़ सहित कुल 45 प्रतिनिधियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

इस दौरान पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया।

सम्मेलन में रांची विश्वविद्यालय भौतिकी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. जेएन प्रसाद, डॉ. सतीश चंद्र गुप्ता, डॉ. आशा प्रसाद, डॉ. विनीता शरण, प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार, डॉ. नवीन कुमार सिन्हा समेत कई गणमान्य लोग विशेष रूप से मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन राहुल कुमार सिंह और रुकैया समन ने किया। धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय सम्मेलन के कन्वेनर डॉ. राज कुमार सिंह ने दिया। उक्त जानकारी राष्ट्रीय सम्मेलन के मीडिया प्रभारी डॉ. ब्रजेश कुमार ने दी।

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