पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के दावों के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक जनसुनवाई के दौरान मंत्री के सामने ही एक डाटा एंट्री ऑपरेटर पर काम कराने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा। मामला सामने आने के बाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मंत्री लखेंद्र पासवान ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित डाटा ऑपरेटर को निलंबित करने का आदेश दिया। मंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
फोन पर ₹50 हजार की रिश्वत मांगते पकड़ा गया डेटा ऑपरेटर, मंत्री लखेंद्र पासवान ने दिखाई सख्ती#bihar #viral #JHLive #lakhendrapaswan pic.twitter.com/ZgA55ncOf0
— JH LIVE (@jhliveonline) August 1, 2026
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फरियादी ने मंत्री से की रिश्वत मांगने की शिकायत
जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी जिले के सोनवर्षा थाना क्षेत्र से एक फरियादी जनसुनवाई के दौरान पटना पहुंचा था। उसने मंत्री लखेंद्र पासवान से शिकायत की कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मिलने वाली अनुदान राशि जारी कराने के लिए जिला कल्याण कार्यालय में कार्यरत डाटा ऑपरेटर चंदन कुमार रिश्वत की मांग कर रहा है।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने फरियादी से कहा कि वह रिश्वत मांगने वाले कर्मचारी से उनके सामने फोन पर बात करे। फोन पर हुई बातचीत के दौरान डाटा ऑपरेटर ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की।
मंत्री के सामने रिश्वत मांगने की बात सामने आने के बाद उन्होंने सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी को संबंधित डाटा ऑपरेटर के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने जिला कल्याण पदाधिकारी को लगाई फटकार
फोन पर रिश्वत मांगने की बात की पुष्टि होने के बाद मंत्री लखेंद्र पासवान ने सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी से भी फोन पर बात की। उन्होंने अधिकारी को डाटा ऑपरेटर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने अधिकारी से कहा कि एससी-एसटी केस संख्या 129/26 में अनुदान राशि दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे जाने की रिकॉर्डिंग उनके सामने हुई है। उन्होंने संबंधित कर्मचारी को तुरंत निलंबित करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि एक घंटे के भीतर निलंबन की कार्रवाई पूरी होनी चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी या अधिकारी की ओर से रिश्वत मांगने या किसी तरह की अनियमितता बरतने की शिकायत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।




