रांची : चक्रवाती तूफान अर्नब का असर झारखंड में कमजोर पड़ने लगा है। इसके प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बुधवार की तुलना में गुरुवार दोपहर तक बारिश कम हुई। दोपहर बाद कई इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। बारिश के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे ठंड बढ़ गई है। वहीं, बादलों की मौजूदगी के कारण न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। मौसम साफ होने के बाद न्यूनतम तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
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सरायकेला के कुकड़ में सबसे अधिक 88.4 मिमी बारिश
राज्य में सबसे अधिक 88.4 मिमी बारिश सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ में रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में इस दौरान 26.2 मिमी वर्षा दर्ज हुई। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री और न्यूनतम 20.3 डिग्री, बोकारो में अधिकतम 29.1 डिग्री और न्यूनतम 21.1 डिग्री तथा चाईबासा में अधिकतम 27 डिग्री और न्यूनतम 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पांच जिलों में वज्रपात और तेज हवा का येलो अलर्ट
चक्रवात अर्नब के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने शुक्रवार को झारखंड के पांच जिलों में वज्रपात और तेज हवा चलने की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अर्नब कमजोर होकर अवदाब में बदला
मौसम विभाग के मुताबिक, अर्नब का अवशेष गहरे अवदाब के रूप में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ तथा उत्तर-पूर्वी तेलंगाना के आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। यह प्रणाली करीब 22 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर की ओर बढ़ रही थी। गुरुवार को यह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर केंद्रित था। इसके उत्तर की ओर बढ़ते रहने और गुरुवार देर शाम तक सुव्यक्त निम्न दबाव क्षेत्र में कमजोर होने की संभावना जताई गई थी। इस मौसम प्रणाली की निगरानी रायपुर और संबलपुर के डॉप्लर मौसम रडार से की जा रही है।
दक्षिण अंडमान सागर में भी बना निम्न दबाव क्षेत्र
इस बीच, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से गुरुवार सुबह 5.30 बजे निम्न दबाव क्षेत्र बना। मौसम विभाग के अनुसार, इसके अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और दक्षिण अंडमान सागर तथा आसपास के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर सुव्यक्त निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके बाद भी इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा आसपास के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर के ऊपर अवदाब में केंद्रित होने की संभावना जताई गई है।



